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…ए ह बस्तर म नवा पीढ़ी बर खतरा….. कबर पढ़ो

कुपोषण अउ मलेरिया के बीच जिला म नवा बीमारी के पसार

रायपुर । बस्तर जिले म कुपोषण, मलेरिया अउ एनीमिया जइसे ही एक अउ गंभीर बीमारी सिकल सेल ह अपन पैर ल तेजी ले पसारत हवय। स्वास्थ्य विभाग के डहर ले बस्तर जिला म पहिली बार सिकल सेल बीमारी ल लेकर स्कूली अउ आंगनबाड़ी के लइका मन के जांच करे गिस।, जेमा म चौंकाने वाले तथ्य ह सामने आइस हे। जिला के करीब 2009 लइका मन सिकल सेल पॉजिटिव हवय।
ध्यान दे के बात हे कि ए केवल पहिली चरण के जांच हवय। आशंका जताए जात हे कि दूसरा चरण म जांच के आंकड़ा अउ बढ़ सकत हे। स्वास्थ्य विभाग ह ऐखर बर 1 लाख 78 हजार स्कूली लइका के जांच के लक्ष्य रखे हवय। कुपोषण अउ मलेरिया जैइस गंभीर बीमारी के बीच जिला म ए नवा बीमारी ह पैर पसारे बर शुरू कर दे हे। सिकल सेल के बीमारी बस्तर के आवइया नवा पीढ़ी बर खतरा के संदेश देवत हे। जिला के 7 ब्लाक के 40669 लइका मन के जांच म सामने आइस आकंडा अब्बड़ परेशान करवइया हे। 2009 लइका मन म सिकल सेल पॉजिटिव पाए गे हे।
जिला शिक्षाधिकारी राजेन्द्र झा के अुनसार चिरायु योजना के तहत स्कूली लइका मन के जांच करे जात हे। ए बीमारी से ग्रसित लइका मन के संग दिव्यांग लइका मन के 6 के जगह 21 कैटेगरी म रखत हुए विभाग अइसे लइका मन के इलाज फोकट म करे बर तैयारी करत हे।
डाक्टर मन के मानना हे कि सिकल सेल बीमारी अनुवांशिक बीमारी हवय। । परिवार म माता-पिता मन मे कोनो एक ल ए बीमारी होए के बाद पीढ़ी दर पीढ़ी पनप थे। बीमारी ल रोके बर जरूरी हवय कि सिकल सेल पीड़ित मन के शादी न करे जाए। लेकिन ये ह कारगर उपाय नइ होवय। शादी जिंदगी के अहम हिस्सा हवय अइसे म ए सलाह ल समाज ह नइ मानय। वैइसे सिकल सेल बीमारी ह प्रदेश के मैदानी इलाका म कुरमी अउ साहू मन म पाए गेहे। ऐखर इलाज बर रिसर्च भी करे जात हे।

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