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शहीद मन के नाम म बने सड़क, चढ़गे भ्रष्टाचार के भेंट 

बस्तर म निरमान के नाम म बड़का खेल...सड़क ल देखके नइ लगत हे कि करोड़ों खरच होए हो ही

सुकमा । ये सड़क देश के सपूत मन के लहू के करजदार हे, ये सड़क म कखरों बेटा, पति अउ पिता के खून बहे हवय। शहीद के नाम म ये पुकारे जात हे, लेकिन बेशरमी अउ बेदिली देखव जे शहीद मन के सांस उखड़ीस विकास के नाम म, उही सड़क कइसे उखड़ गे हे। देखव कइसे नक्सली मन के पंजा म बैइठके हमार जवान काम करवात हे अउ अफसर मन के नजरअंदाजी उंखर जिंदगी ले खेलत हे।
बस्तर म सड़क निरमान के नाम म बड़का खेल चलत हे। अधिकारी अउ ठेकेदार मन मिलके सड़क निरमान म भारी भ्रष्टाचार करत हे। जे सड़क मन के सुरक्षा म जवान मन अपन जान गंवा दीस। आज उंही सड़क मन ल मरम्मत के दरकार हो गे हे। यानी मरम्मत बर फेर जवान मन के तैनाती हो ही। फेर नक्सली हमला के डर बने रही।
सीएम के आंख म अफसर मन ह झोकीस धूल …
लोकसुराज अभियान के तीसरे चरण म प्रदेश के मुख्यमंत्री ह सुकमा जिला के इंजरम म बाइक म सवार होके नेशनल हाईवे के जायजा ले रहिस हे। अउ सराहना करिस । लेकिन एंखर पीछू के सच्चाई कुछु अउ निकल लिस।
इंजरम-भेज्जी सड़क ल मुख्यमंत्री रमन सिंह ह इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के नाव म दिस हे। मुख्यमंत्री के दउरा ल देखत हुए अधिकारी मन ह जरजर हालत म आए ये सड़क ल रातों-रात चमका दिस। मुख्यंमत्री घलोक सोचिस कि वाकई म उंखर कार्यकाल म नक्सल क्षेत्र म विकास होवत हवय। ए तरह ले अफसर मन ह मुख्यमंत्री के आंख म ही धूल झोंक दीस।
लोक निर्माण विभाग ह बनाइस हे सड़क ल
इंजरम ले भेज्जी के दूरी करीब 18 किमी हवय । पहिली सात किलोमीटर के सड़क ल लोक निर्माण विभाग ह बनाइस हे । एती 8 किमी ले भेज्जी तक पुलिस हाउसिंग बोर्ड ल जुम्मेदारी सौंप गे गिस। इंजरम शून्य ले 7 किमी सड़क के लागत एसओआर दर ले 45 प्रतिशत अधिक हे अउ एखर कुल लागत 4 करोड़ हे। लेकिन अगर आप मन ह सड़क ल देख हूं तव कहीं ले अइसे नइ लगय कि ये सड़क के लागत म करोड़ो खरच करे गेहे।
अधिकारी मन ह सीएम घलोक नइ बख्शीस
ये सड़क के नाव शहीद इंसपेक्टर जगजीत सिंह के नाव म रखे गेहे हे। सीएम जब जायजा ले बर पहुंचिस तव शुरू के डेढ़ किलो मीटर के सड़क ल डामर के काली चादर ले चमका दे गिस। उँखर बाद के सड़क पूरी तरह ले उखड़ गे हे अउ अब सड़क म चढ़ाए गे डामर ह निकालत जात हे। ये सड़क के निर्माण 2014 म शुरू करे गिस हे। 8 माह के अवधि म ये पूरा कर ले गिस। सड़क निरमान म बरते गे घटिया समागरी के वजह ले सड़क तुरंते जर्जर हो गे अउ अब दूबारा मरम्मत कराए जाही।
कोन हे शहीद इंस्पेक्टर जगजीत सिंह
शहीद इंस्पेक्टर जगजीत सिंह कोटला श्राफ गांव जिला गुरदासपुर पंजाब के रहइया रिहिस हे। उँखर परिवार म पत्नी अउ दो बच्चा हवय । जगजीतसिंह ह सीआरपीएफ म 20 मार्च 2001 ले कांस्टेबल के पद पर भरती होए इस हे। 2015 म इंस्पेक्टर पद म पदोन्नत होके 219वीं बटालियन इंजरम म पदस्थ होइस। इंजरम-भेज्जी सड़क के निरमान के दउरान सुरक्षा व्यवस्था म जगजीत सिंह के महत्वपूर्ण भूमिका रिहिस हे। एखरे सेवाकाल व सुपरविजन म ये सड़क के निरमान म बम बरामद करे गिस। इहीं रद्दा म सुरक्षा के दउरान 11 मार्च 2017 के हमला म संगघरस करत हुए जगजीत सिंह शहीद होगे। सरकार ह ये रोड के नाव जगजीत सिंह के नाम म रख दिस।
‘दोबारा बना ही सड़क ह’
समबनधित जुम्मेदार मन ले जब येखर बारे म बात करे गिस तव उमन ह दुबारा सड़क बन जाही कहिके मामला ल टाल दिस। सड़क तो बन जाही गी लेकिन का अधिकारी मन ह शहीद के परिवार मन के दरद कम कर पाही? ये सवाल खड़े हे।

 

 

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