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….त दिव्यांग मन बर मुसीबत के समान बन जाथे मोटराइज्ड सायकल ह

बिगड़े के बाद मरम्मत कराय म होवत हे हिततग्राही मन ल परेसानी

नवनीत शुक्ला, मुंगेली। ज़िला म समाज कल्याण बेभाग द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना अउ दिव्यांग हितग्राही मन बर ट्राई मोटराइज्ड बैटरी वाला साइकिल बांटे जात हे। ए दूनो बड़ कल्याणकारी योजना हवय। तीर्थ यात्रा जाय बर येकोति हमर सियान मन ..जेखर मन ह भगवान के नाव ल लेवत भजन कीर्तन,, प्रार्थना, दुआ- सलाम करत बितथे, उमन ह तीर्थधाम दर्सन बर जाय के सोचथे। उहें ये सवाल घलो खड़े होवत हे के सियान हितग्राही मन ल ए योजना के लाभ सही म मिलथे। ए योजना बर वेभाग कोती ले गाँव-गाँव म प्रचार प्रसार होना चाहि। ये योजना के चले ले अइसन कई झन हवय जे मन अपन परिस्थिति के चलत तीर्थ यात्रा म नइ जा पावय। अइसन मन ल योजना के लाभ मिल चाही।
अइसन हे दिव्यांग हितग्राही मन बर घलो मोटराइज्ड सायकल बांटे गेहे। ए साइकिल के खासियत हे कि येहां बैटरी ले चलथे। ए योजना के आए ले बने सुबिधा होगे हे। कोनो डाहर आए जाए बर सहूलियत होवथ हे। पहिली हाथ साइकिल म पैडिल ल घुमावत ले हाथ घलो ह पीरा जाय। बैसाखी तको उपयोग करत रहिन,, अब ए सबो समस्या ह खत्म होगे हे। अब एमा सबले बड़ मुसीबत के बात हे…एक पइत बिगड़गे त कोनो जगह नइ बनय। ये ह विभाग द्वारा बनही। लेकिन कतका दिन म बनही। येखर कोनो गारन्टी नइये। न तो ये साइकिल ह इहां बन सकय न बदले जा सकय। एक पइत मिले के बाद ये कहूं खराब होगे त दिव्यांग हितग्राही मन बर सिर्फ़ मुसीबत के समान बन जाथे। एखर बनवाय के प्रक्रिया अतका जटिल हे के कागजी कार्यवाही करे म महीनों गुजर जाथे। तब कहि जाके विभागीय सिविर के आयोजन म बन पाथे। जब ले ये योजना शुरू होय हे तब ले अब तक मात्र 318 सायकल के वितरण हो पाए हे। जेमा 50 ले ऊपर सायकल ह खराब हो गेहे। खराब साइकल के पंजीयन विभाग द्वारा कर लिये गेहे। अब देखव कब तक कागजी कार्यवाही होय के बाद दिव्यांग मन ल वापिस बने साईकल मिल पाही। ये संबंध म जब अधिकारी ले पूछे गिस, त अरविंद सोनी उप संचालक, समाज कल्याण बेभाग मुंगेली ह कहिल के कागजी प्रकिया के कारण संबंधित समस्या के निराकरण म देरी लगथे ” अब तक जे खराब सायकल बने बर आय हे ओकर पंजीयन कर लिए गेहे । छत्तीसगढ़ म न त जे साइकल बनाथे वो कम्पनी हे अउ न ही ओखर बनवईया मेकेनिक हे । विभागीय कार्यवाही कर कम्पनी ल सूचना दे दिये जाथे । जब कम्पनी के मेकेनिक आथे त सिविर म दिव्यांग हितगाही ल अवगत करा दिये जाथे। अउ नि: सुल्क साइकल के रिपेरिंग करवाया जाथे।

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