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नाबार्ड ले ऋण प्राप्त करे म जऊन बाधा आवत हे ओला केन्द्र सरकार जल्‍दी दूर करय

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रायपुर । छत्तीसगढ़ के जलसंसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ह केन्द्र सरकार ले मांग करे हें कि प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (पीएमकेएसवाई) म नाबार्ड ले ऋण प्राप्त करे म जऊन बाधा आवत हे ओला केन्द्र सरकार जल्‍दी दूर करय। अग्रवाल नई दिल्ली के परिवहन भवन म प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना म राज्य मन के सिंचाई मंत्री मन के बैठक मे बोलत रहिन। बैठक के अध्यक्षता केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्री नितिन गडकरी ह करिन। ए अवसर म केन्द्रीय जलसंसाधन राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, छत्तीसगढ के जलसंसाधन विभाग के सचिव सोनमणी बोरा संग आन राज्य ले आए सिचाई मंत्री अउ अधिकारीगण उपस्थित रहिन।
श्री अग्रवाल ह बैठक म बताइस कि, छत्तीसगढ़ के तीन सिंचाई परियोजना केलो, मनियारी अउ खारंग बर नाबार्ड ले ऋण प्राप्ती बर प्रस्ताव भेजे गए हे। राज्य के ए प्रस्ताव म केन्द्रीय मंत्री ह कहिन कि ओ मन नाबार्ड ले ए विसय म चर्चा करके जरूरी राशि राज्य ल देवाए जाही। श्री अग्रवाल ह बताइन कि ये परियोजना मन ल मार्च 2019 तक पूरा करे जाना हे।
छत्तीसगढ के जलसंसाधन मंत्री ह बताइन कि, राज्य म सिंचाई सुविधा बढाए बर लक्ष्य भागीरथी योजना संचालित करे गए हे। ए योजना म केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्री नितिन गडकरी ह कहिन कि राज्य म ये योजना बहुत सुघ्‍धर ढंग ले काम करत हे। आन राज्य मन ल घलो खुद के क्षमता ले अकतहा सिंचाई सुविधा बढाए के काम करना चाही। बैठक म छत्तीसगढ के जलसंसाधन विभाग के सचिव सोनमणी बोरा कोति ले राज्य म सिंचाई परियोजना मन अउ छत्तीसगढ म किसान मन के आय ल दुगुना करे बर होवत काम के विस्तार ले जानकारी दे गिस।
ध्यान देय के बात हे कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत साल 2022 के पहिली किसान मन के आय ल दुगुना करे के लक्ष्य तय करे गे हे। ए योजना के तहत देशभर म लंबित 99 सिंचाई परियोजना मन ल पूरा करे जाना हे। ए परियोजना के पूरा होए ले करीबन 80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र म नवा सिंचाई सुविधा विकसित होही। ए परियोना मन ल 70 हजार करोड़ रूपिया नाबार्ड ले ऋण के रूप म दीए जाही। बैठक म ए परियोजना मन बर नाबार्ड ले राज्य मन ल जल्‍दी राशि देहे बर चर्चा होइस।

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