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छत्तीसगढ़ म पक्षी मन के गणना के कार्य पूरा

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रायपुर। राजधानी म बर्ड काउंट इंडिया ह छत्तीसगढ़ म पक्षी मन के गणना के कार्य ल पूरा कर लिस हे। बता दन कि वनांचल क्षेत्र म आज भी पक्षी मन के परम्परागत गुलेल ले शिकार होवत हे। राज्य के वन मन म 400 ले भी ज्यादा पक्ष मन के प्रजाति के बसेरा हवय, ये सा बढ़िया खबर कहे जा सकत हे।
बहरहाल, वन विभाग अउ बर्ड काउंट इंडिया के बीच पक्षी मन के गणना ल लेकर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) यानि समझौता करार होए रिहिस हे। ये मामला म पक्षी वैज्ञानिक सोहेल कादीर ह बताइस कि राज्य के गठन के बाद पहिली बार राज्य के वन मन म पाए जाने वाले पक्षी मन के गणना करे गिस हे। एमा 400 ले भी ज्यादा प्रजाति के पक्षी मन के बसेरा छत्तीसगढ़ के वन मन म पाए गेहे। वहीं शोधकर्ता सी. नायडू ह कहिन कि दक्षिण बस्तर, सरगुजा, जशपुर आदि क्षेत्र मन म पक्षी जंगल मन म ज्यादा पाए गे हे। हालांकि ये क्षेत्र मन म परम्परागत गुलेल ले पक्षी मन के शिकार घलो होवत हवय। 150 ले ज्यादा प्रजाति के पक्षीमन ह प्रवासी हवय। जेमन सरदी के मौसम म आथे। एमा सबले ज्यादा पानी म रहइया पक्षी हवय।
शोधकर्ता मन ल राज्य म रहइया 75 फीसदी प्रजाति के पक्षी मिलिस हे। गांव अउ शहर म गुलेल आसानी ले उपलब्ध हो जाथे। जे ह आए दिन पक्षी मन बर काफी घातक साबित होवत हे। एखर ले बड़े ही आसानी ले पक्षी मन के शिकार करके उँखर अस्तित्व ल खतरा म डाले जात हे। अइसे म वन विभाग अउ पक्षी प्रेमी मन ह पक्षी ल बचाए बर सामाज म जागरूकता लाए के बात कहिन हे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ह बताइस कि बर्ड काउंट इंडिया ह प्रदेश के सब्बों 27 जिला म गणना के कार्य करिस हे। अब वन विभाग म पक्षी मन बर संस्थागत व्यवस्था बनाए के प्रयास अउ योजना बनाए के बात कहे जात हे। बहरहाल, पक्षी मन के संरक्षण ले कई फायदा हे। खासतौर म पक्षी किसानो मन के मित्र होथे। धर्म अउ शास्त्र मन म पक्षी के विषय म बहुत कुछ उल्लेख करे गेहे। बता दन कि राज्य म 12 दुर्लभ प्रजाति के पक्षी मन के गणना करइया मन ल मिलिस हे।

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