खेती-किसानी में नवाचार के मिसाल – ग्राफ्टेड भँटा के खेती ले लाखों के कमाई करत हंव किसान नवीन
पुरखा के धान खेती के बदला उद्यानिकी ला अपनाइस, प्रति एकड़ उपज ह 21 क्विंटल ले बढ़के होईस 155 क्विंटल
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ड्रिप सिंचई अउ मल्चिंग तकनीक के मेल ले बदलिस किसान के करम (तकदीर)
रायपुर, ग्राफ्टेड भँटा (बैंगन) के खेती ह पुराना जुन्ना तरीका के तुलना में कतको जादा फाइदाजनक हे। एमा दो अलग-अलग पौधा मन ला जोड़के एक ठन नवा पौधा तैयार करे जाथे, जेकर से पौधा के बीमारी ले लड़े के ताकत (रोग-प्रतिरोधक क्षमता) ह कतको गुना बढ़ जाथे अउ उपज घलो 20-30 प्रतिसत तक जादा मिलथे। कड़ा मिहनत, नवा सोच अउ आधुनिक कृषि तकनीक के सुग्घर मेल ले किसान मन कइसन अपन करम ला बदल सकत हंव, एखर जीता-जागता उदाहरण महासमुंद जिला के बसना विकासखंड के गाँव बोहारपार के अगाड़ी (प्रगतिशील) किसान श्री नवीन साव ह पेस करे हे। पुरखा के खेती के ढर्रा ले आगे बढ़के ओमन उद्यानिकी विभाग के देख-रेख में ग्राफ्टेड भँटा के उन्नत खेती ला अपनाइन। आज ओमन अपन ए अनूठा कोसिस ले इलाका के दूसर किसान मन बर प्रेरणा बन गे हंव।
धान के तुलना में पाँच गुना ले जादा के सुध मुनाफ़ा
किसान नवीन साव ह बताइस कि ओमन पहिले अपन खेत मन में सिरिफ पारंपरिक धान के खेती करत रहिन, जेकर से ओला बहुत कम आय (कमाई) होत रहिस। धान के फसल ले ओला प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल के उपज अउ करीब 45 हजार 600 रुपिया के लाभ मिल पावत रहिस। अपन कमाई ला बढ़ाए के उदेस्य से ओमन बछर 2025-26 में ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत ग्राफ्टेड भँटा के खेती सुरू करिन। ओमन अपन 1.31 हेक्टेयर भुइँया (भूमि) ऊपर वैज्ञानिक तरीका ला अपनावत हुए ड्रिप सिंचई (टपक सिंचई) अउ मल्चिंग तकनीक के उपयोग करिन। ए आधुनिक संभराव (प्रबंधन) के नतीजा ए होईस कि ओला बम्पर पैदावार मिलीस अउ प्रति एकड़ लगभग 155 क्विंटल भँटा के उपज होईस।
सरायपाली अउ ओडिशा के मंडी मन में भारी माँग
ग्राफ्टेड भँटा के फसल ह रोपे के लगभग 45-50 दिन बाद तोड़े बर तैयार हो जाथे। एखर एक ठन पौधा ले 50 किलो तक उपज मिल सकत हे। जुन्ना खेती के तुलना में एखर मुनाफ़ा लगभग दुगुना तक हो सकत हे। नवीन साव ह अपन ए बढ़िया फसल ला स्थानीय सरायपाली अउ पड़ोसी राज ओडिशा के बड़े-बड़े मंडी मन में लगभग 30 रुपिया प्रति किलो के थोक भाव में बेचिस। जम्मो खरचा ला काट-कूट के ओमन ए फसल ले 2 लाख 45 हजार रुपिया के सुध मुनाफ़ा कमाईन, जो धान के तुलना में पाँच गुना ले घलो जादा हे।
विभागीय देख-रेख अउ तकनीकी सीखे के इछा ले मिलीस सफलता
श्री साव ह अपन ए सफलता के सरे (श्रेय) उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मन के लगातार तकनीकी मार्गदर्शन, सरकारी योजना मन के सही समे में मिले लाभ अउ आधुनिक कृषि तरीका मन ला सीखे के अपन इछा (जिज्ञासा) ला देथें। ओमन हमेशा खेती-किसानी के छेत्र में होवत नवा खोज मन के जानकारी रखथें अउ खेत मन में नवा प्रयोग ला पहिली मउका देथें। कच्चापाल अउ बोहारपार के आस-पास के किसान मन अब लगातार ओकर खेत (फार्म) में जा-जा के ए आधुनिक तकनीक मन ला बारीकी ले समझत हंव। नवीन साव के ए आर्थिक तरक्की ला देखके इलाका के कतको दूसर किसान मन घलो पुरखा के फसल मन ला छोड़के मुनाफ़ा देवइया उद्यानिकी फसल कोति तेजी से खिंचात हंव।
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