विशेष लेख : सुशासन, संवेदना अउ सुरक्षा : श्रमिक हित म छत्तीसगढ़ सरकार के दु बछर
रायपुर। सुशासन केवल प्रशासनिक दक्षता के प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति म खड़े व्यक्ति के जीवन म सकारात्मक परिवर्तन लाए के संकल्पबद्ध प्रक्रिया हे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व अउ श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन म छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग विगत दु वर्ष म इही सुशासन के भावना ल धरातल म साकार करत दिखाई देत हे। ए अवधि म श्रमिक मन के अधिकार के रक्षा, उखर जीवन ल सुरक्षित अउ सम्मानजनक बनाए बर अउ ओमन ल सामाजिक-आर्थिक रूप ले सशक्त करे बर अनेक ऐतिहासिक अउ जनहितकारी कदम उठाए गे हे।
विष्णु के सुशासन के स्पष्ट झलक श्रम विभाग द्वारा अपनाए गे डिजिटल नवाचार म दिखाई देत हे। प्रशासनिक पारदर्शिता अउ कार्यकुशलता बढ़ाए के उद्देश्य ले समस्त नस्ती के संधारण ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम ले प्रारंभ करे गिस हे। विभागीय योजना अउ सेवा ल आमजन बर सरल, सुलभ अउ पारदर्शी बनाए बर एक आधुनिक, यूज़र-फ्रेंडली विभागीय वेबसाइट विकसित करे गे हे। श्रमिक मन के सुविधा ल केंद्र म रखत तैयार करे गिस ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल ऐप श्रमिक पंजीयन, योजना म आवेदन अउ श्रमिक पलायन के ऑनलाइन जानकारी दर्ज करे के प्रभावी माध्यम बनके उभरिन हे, जेन डिजिटल सुशासन के दिशा म एक उल्लेखनीय उपलब्धि हे।
राज्य के नवगठित जिला तक श्रम विभाग के प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करे बर पाँच नवीन श्रम पदाधिकारी कार्यालय के स्थापना बर 20 पद के सृजन करे गिस। एखर संग ही साल 2024-25 के बेर श्रमायुक्त संगठन अंतर्गत श्रम पदाधिकारी, श्रम निरीक्षक अउ उप निरीक्षक के पद म कुल 32 नवा नियुक्ती करे गिस। ए प्रयास ले न केवल विभागीय कार्य म गति आयिन, बल्कि श्रमिक मन ल समयबद्ध अउ गुणवत्तापूर्ण सेवा घलो सुनिश्चित होइस।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व म राज्य सरकार ह श्रम कानून म आवश्यक अउ संतुलित सुधार करत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अउ श्रमिक हित के मध्य सामंजस्य स्थापित करिन हे। छत्तीसगढ़ दुकान अउ स्थापना अधिनियम, 2017 के प्रभावी क्रियान्वयन ले छोटे व्यापारी मन ल राहत मिलिस, उहें नियत कालिक नियोजन कर्मकार के नवा श्रेणी ह रोजगार के नवा अवसर के द्वार खोलिन।
राष्ट्रपति के अनुमति के उपरांत लागू करे गिस छत्तीसगढ़ श्रम कानून संशोधन अउ विविध प्रावधान विधेयक, 2025 के माध्यम ले अवैधानिक हड़ताल म नियंत्रण, छोटे अपराध म समझौता अउ लघु उद्योग ल छूट जइसे प्रावधान करे गिस। महिला सशक्तिकरण के दिशा म रात्रि पाली म महिला कर्मकार के सशर्त नियोजन के अनुमति देना सरकार के प्रगतिशील अउ संवेदनशील सोच ल दर्शाथे।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन म श्रमिक कल्याण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन सरकार के मानवीय प्रतिबद्धता के सशक्त प्रमाण हे। विभिन्न श्रम मंडल के माध्यम ले दु बछर म 11.03 लाख नवा श्रमिक मन के पंजीयन करे गिस अउ 27.33 लाख श्रमिक मन ल विभिन्न योजना के लाभ प्रदान करे गिस। ए अवधि म 784.73 करोड़ रुपया ले अधिक के राशि श्रमिक कल्याण म व्यय करे गिस, जेन ए दर्शाथे कि ए सरकार आंकड़ा ले आगु बढ़के संवेदना के संग श्रमिक मन के जीवन म बदलाव लात हे।
24×7 संचालित मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र ह शिकायत निवारण अउ पंजीयन प्रक्रिया ल सरल अउ प्रभावी बनायिन हे। उहें प्रत्येक जिला अउ विकासखंड म संचालित मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्र ह प्रशासन ल सचमुच श्रमिक मन ह तक पहुँचायिन हे। निर्माण श्रमिक मन के पंजीयन म स्व-घोषणा प्रमाण पत्र के व्यवस्था ह प्रक्रिया ल सरल करिन, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के माध्यम ले सैकड़ों श्रमिक परिवार मन ल अपन पक्का आवास के सपना साकार करे म सहायता मिलिस। मिनीमाता महतारी जतन योजना अउ असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के अंतर्गत लाखों महिला श्रमिक मन ल प्रसूति सहायता प्रदान करे गिस, जेखर ले मातृत्व सुरक्षा ल नया संबल मिलिस।
श्रमिक परिवार मन के भविष्य ल सुरक्षित करे बर शिक्षा, पोषण अउ सामाजिक सुरक्षा म विशेष ध्यान देय गिस। श्रमिक मन के लइका मन बर निःशुल्क कोचिंग, छात्रवृत्ति, मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन अउ नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना जइसे पहल ह शिक्षा के प्रति विश्वास ल मजबूत करिन हे। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत मात्र पाँच रुपया म पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सुशासन के मानवीय अउ संवेदनशील आत्मा ल दर्शाता हे।