स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो हमें चुनौतियों से जूझना सिखाती है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। स्काउटिंग केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर, अनुशासित और समाज के प्रति समर्पित बनाती है। यह विचार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देशभर से आए रोवर-रेंजरों और स्काउट-गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल एवं माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे मूल्यों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करता है। कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की उन्होंने विशेष सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत उपस्थित युवाओं को शपथ भी दिलाई।
09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पांच दिवसीय जंबूरी में देश-विदेश से 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने सहभागिता की। समापन समारोह में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भारतीय कला, संस्कृति और सौहार्द से सराबोर कर दिया।
स्कूल शिक्षा मंत्री एवं राज्य स्काउट-गाइड अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने बताया कि जंबूरी में युवा संसद, कौशल प्रदर्शन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आदिवासी एथनिक फैशन शो जैसे नवाचार युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने। इस अवसर पर उन्हें राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
भारतीय स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल ने कहा कि “अपने कार्यों से दूसरों का भला करना” ही स्काउटिंग का मूल मंत्र है, जो एक सशक्त और विकसित भारत की नींव रखता है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।