Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
Beekeeping
नवा छत्तीसगढ़

मधुमक्खी पालन से खुला किसानों की आर्थिक समृद्धि का द्वार

Editor Editor
February 7, 2026 2 Mins Read
45 Views
0 Comments

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की राज्य पोषित परागण योजना के अंतर्गत जिला कोरबा में मधुमक्खी पालन को प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विशेष रूप से विकासखंड पोंड़ी-उपरोड़ा के ग्राम कुटेश्वर, नगोई, बझेरा, सिंघिया एवं जुराली के किसानों ने इस योजना के माध्यम से पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित किए हैं।

पूर्व में केवल धान की खेती पर निर्भर इन किसानों की आय सीमित थी, किंतु मधुमक्खी पालन ने कम लागत में अधिक लाभ का अवसर प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

किसानों ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर कृषि उद्यान केंद्र कटघोरा एवं शासकीय उद्यान रोपणी में मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के उपरांत किसानों ने तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान के माध्यम से उत्पादन प्रारंभ किया। एक मधुमक्खी पेटी से वर्षभर में लगभग 15 से 25 किलोग्राम शहद का उत्पादन होता है, वहीं 20 पेटियों से 1 से 2 लाख रुपये तक की वार्षिक आमदनी संभव है।

मधुमक्खियों द्वारा फसलों में परागण बढ़ने से सब्जी, दलहन, तिलहन एवं फलदार फसलों की उत्पादकता 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। शहद के अतिरिक्त मोम, पराग, रॉयल जेली एवं मधुमक्खी विष की औषधि, कॉस्मेटिक एवं आयुर्वेदिक उद्योगों में बढ़ती मांग ने किसानों के लिए आय के नए द्वार खोले हैं। योजना के अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही को 45 मधुमक्खी कॉलोनियां एवं 45 पेटिकाएं प्रदान की गई हैं। एक छत्ते की लागत 2000 रुपये निर्धारित है, जिसमें 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1000 रुपये का अनुदान शासन द्वारा दिया जा रहा है। कम भूमि में भी संचालित होने वाली यह योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है।

Tags:

Chhattisgarhchhattisgarh newsraipur newsstate news

Share Article

Other Articles

bastanar
Previous

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग

nursing collge kurud
Next

विशेष लेख : भविष्य के कुशल स्वास्थ्य सेवाकर्मियों को गढ़ता संस्थान बनेगा नर्सिंग महाविद्यालय कुरूद

Next
nursing collge kurud
February 7, 2026

विशेष लेख : भविष्य के कुशल स्वास्थ्य सेवाकर्मियों को गढ़ता संस्थान बनेगा नर्सिंग महाविद्यालय कुरूद

Previous
February 7, 2026

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग

bastanar

Related Posts

1775828507 3393d0a50a3847a3c032cxv

धोवाताल के 60 माईलोगन मन रचिन आत्मनिर्भरता के मिसाल

Editor Editor
April 10, 2026
1775835323 4ece8375d84f600b5619

जिला के दूरिहा गांव चिंगनार म लगिस जनसमस्या निवारण सिविर: ग्रामीण मन ल मिलीस सरकारी योजना मन के लाभ

Editor Editor
April 10, 2026
1775838463 5cd558b4a9690d495d6b

कुसुम के खेती बनीस लाभ के सउदा

Editor Editor
April 10, 2026
1775832184 25a217512c83aa7f6ca1

खेल अउ खिलाड़ी मन ल आघू बढ़ाए बर टूर्नामेंट जरूरी: अरुण साव

Editor Editor
April 10, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार