राज्य के सिंचाई बांध मन म अभी 67 प्रतिशत ले जादा पानी जमा
पिछला दू साल के तुलना म स्थिति हावे बहुत बेहतर”
रायपुर.छत्तीसगढ़ राज के 12 बड़े (वृहद) अऊ 34 मंझोले (मध्यम) सिंचाई परियोजना म ए साल पानी के भराव के स्थिति बहुत बढ़िया हे। अभी राज के कुल 46 बड़े बांध मन म औसत रूप ले 67.43 प्रतिशत पानी भरे हे। अगर एखर तुलना पिछला साल मन ले करबो, त साल 2025 म ए बखत सिरिफ़ 45.23 प्रतिशत अऊ साल 2024 म 42 प्रतिशत पानी रहिस। ए बढ़िया स्थिति छत्तीसगढ़ म नीक बरखा, सही जल प्रबंधन अऊ बांध मन के सही संचालन के सेती आए हे।
राज के 12 बड़े सिंचाई बांध मन म अभी 68.19 प्रतिशत पानी भरे हे, जबकि साल 2025 म ये सिरिफ़ 45.84% अऊ साल 2024 म 38.62% रहिस। प्रमुख बड़े बांध मन म पानी के स्थिति कुछ अइसन हे:
- मनियारी बांध: 90.41%
- मुरूमसिल्ली: 86.85%
- खारंग (खूंटाघाट): 84.99%
- दुधावा: 84.54%
- रविशंकर सागर (गंगरेल): 76.72%
- सोंढूर: 70.65%
- तांदुला: 66.19%
- मिनीमाता बांगो: 63.86%
- केलो: 51.83%
- कोडार: 35.45% (इहाँ पानी के कमी हे)
छत्तीसगढ़ के मंझोले बांधों (Medium Projects) की स्थिति भी इस साल बहुत उत्साहजनक है। खपरी और छिरपानी जैसे जलाशय लगभग 93% तक भर चुके हैं, जो खेती के लिए बहुत शुभ संकेत है।
यहाँ इसका छत्तीसगढ़ी अनुवाद और आपके न्यूज़ बुलेटिन के लिए डेटा पॉइंट्स दिए गए हैं:
छत्तीसगढ़ी अनुवाद (Chhattisgarhi Translation)
ओहे कोती,राज्य के 34 मंझोले (मध्यम) सिंचाई बांध मन म अभी 63.38 प्रतिशत पानी जमा हे। एखर तुलना म पिछला साल 2025 म 44.62% अऊ साल 2024 म 45.38% पानी रहिस। मंझोले बांध मन म पानी के स्थिति बहुत बढ़िया हे:
- खपरी बांध: 92.98%
- छिरपानी: 92.23%
- पिपरिया नाला: 89.69%
- गोंडली: 85.53%
- सुतियापाट: 79.82%
- सारोदा: 77.57%
- कोसारटेडा: 77.46%
ए सबो बांध मन म पानी अपन उच्च स्तर म हे, जेखर ले सिंचाई बर कोई दिक्कत नई होय।”
प्रदेश के बांधों से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की इस खबर का छत्तीसगढ़ी अनुवाद और मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
प्रदेश म जमा पानी ल किसान मन के जरूरत के हिसाब ले अलग-अलग सिंचाई परियोजना मन ले नियम ले अऊ चरणबद्ध तरीका ले छोड़े जावत हे। गंगरेल (रविशंकर सागर) बांध ले नहर के माध्यम ले धमतरी अऊ रायपुर क्षेत्र म निस्तारी अऊ सिंचाई बर पानी देवत हें। दुधावा बांध ले घलो मुख्य नहर मन म पानी बहत हे। सोंढूर परियोजना के नहर मन म घलो पानी छोड़े गे हे। कोडार बांध ले लगभग 6.84 क्यूमेक्स (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी नहर मन म बहत हे। एखर अलावा परालकोट परियोजना के दहिना अऊ बांवा कोती के नहर मन ले घलो पानी के बंटवारा करे जावत हे।
मध्यम परियोजना म घलो खरखरा, गोंडली, पिपरिया, सारोदा, जुमका, केदार नाला अऊ दूसर बांध मन ले जरूरत के हिसाब ले नहर अऊ स्लुइस गेट के माध्यम ले पानी छोड़े जावत हे। एखर ले रबी फसल के आखिरी सिंचाई, गर्मी के फसल अऊ निस्तारी बर भरपूर पानी मिल सकही। सरकार ह ए बात के पूरा ध्यान रखत हे कि पानी के सही उपयोग होवय अऊ सबो सिंचित इलाका म जरूरत के हिसाब ले पानी पहुँचय।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह कहिन हें कि राज्य सरकार ह किसान मन के हित ल सबले ऊपर रखत जल संसाधन के वैज्ञानिक अऊ बढ़िया प्रबंधन सुनिश्चित करत हे। ओमन कहिन कि ए साल बांध मन म जउन बढ़िया पानी भरे हे, ओ ह सबके मिल-जुल के कोशिश के नतीजा आय।
मुख्यमंत्री ह आगू कहिन— “हमर लक्ष्य हे कि प्रदेश के किसान मन ल समय म भरपूर सिंचाई के पानी मिलय, जेखर ले फसल के पैदावार बढ़य अऊ किसान मन के आमदनी म सुधार होवय।”
मुख्यमंत्री ह अधिकारी मन ल आदेश दे हें कि बांध मन के पानी के स्तर (Water Level) के लगातार निगरानी करिन अऊ पानी के सही उपयोग सुनिश्चित करिन ताकि हर किसान ल ओखर जरूरत के हिसाब ले पानी मिल सके।