बस्तर मा बदलाव के नवा ‘बयार’
माओवाद के साया ले निकल के कोलेंग वनांचल मा बदलिस तस्वीर
दुर्गम गांव मन तक बिछिस पक्का सड़क के जाल, आना-जाना होइस सुग्घर
रायपुर. बस्तर के ओ दूरिहा वनांचल, जिहां कभू सन्नाटा अउ डर के पहरा रिहिस, आज उहां खुसहाली के नवा कहानी लिखे जावत हे। बस्तर जिला के दरभा ब्लॉक के कोलेंग क्षेत्र, जउन ह कतको बछर तक माओवाद के सेती विकास मा पिछड़ गे रिहिस, अब अपन एक नवा पहिचान बनावत हे। रद्दा, बिजली, शिक्षा अउ स्वास्थ्य जइसन बुनियादी सुविधा मन ले लैस हो के ये इलाका अब मुख्यधारा मा मजबूती ले आगू बढ़त हे।
एक समय रिहिस जब अषाढ़ के दिन मा कोलेंग अउ ओकर तीर-तखार के गांव मन टापू बन जाय, फेर आज स्थिति बदल गे हे। जगदलपुर ले कोलेंग, चांदामेटा, छिंदगुर, काचीरास, सरगीपाल अउ कान्दानार जइसन दुर्गम गांव मन तक बारहमासी पक्का सड़क बन गे हे। कोलेंग के सरपंच लालूराम नाग ए बदलाव ला ऐतिहासिक बताथें। ओमन कहिथें कि पहिली ये क्षेत्र दुनिया ले कटे रिहिस, फेर अब सासन के सक्रियता ले मनखे मन के जिनगी सुधर गे हे।
सड़क बने ले छिंदगुर जइसन गांव मन सीधा जिला मुख्यालय ले जुड़ गे हें। कनेक्टिविटी बने होय के सबले बड़े फायदा आर्थिक स्थिति मा होइस हे, अब किसान अउ वनोपज संग्राहक मन अपन सामान ला सीधा मंडी तक ले जा पावत हें। कभू उपेक्षा के सिकार रहे ये वनांचल आज विकास के अंजोर मा जगमगावत हे।