दीदी के बखरी ले बदलत हे तस्वीर: कांकेर म महिला किसान मन के आय म आइस बड़ बदलाव
रायपुर. कांकेर जिला म ‘बिहान’ योजना के तहत महिला मन के रोजी-रोटी अउ आजीविका ला बढ़ाय बर हर स्तर म कोसिस करे जात हे। जिला म बड़ संख्या म दीदी मन अपन जिनगी ला सुधारे बर आय वाले काम मन ले जुड़े हें। अपन कमाई ला दुगुना करे बर ओ मन खेती-किसानी के संग अउ दूसर काम घलो करत हें। अपन घर के ‘बखरी’ (बाड़ी) म ओ मन बयपारी तरीका ले साग-भाजी लगावत हें अउ ओला बजार म बेंच के अपन आय बढ़ावत हें। संग म मछरी पालन, मुसरी (मुर्गी) पालन, बकरू पालन अउ वनोपज (जंगल के उपज) बटोरे के काम घलो करत हें।
ए किसम के एकीकृत खेती जिला के चार ठन विकासखंड— नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर अउ चारामा म चलत हे, जेम हरेक संकुल के चार-चार गांव ला चुने गे हे। ए योजना के मकसद महिला किसान मन ला आर्थिक रूप ले मजबूत बनाना हे, जेखर ले ओ मन के महीना भर के कमाई 20 ले 25 हजार रूपया तक पहुंच जाय।
‘दीदी के बखरी’ ले मिलत हे सहारा
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हरेश मंडावी के देख-रेख म ए योजना जिला म बढ़िया ढंग ले चलत हे, जेला “दीदी के बखरी” नाम दे गे हे।
- नरहरपुर: 1200 महिला किसान
- कांकेर: 790 महिला किसान
- चारामा: 734 महिला किसान
- भानुप्रतापपुर: 640 महिला किसान
- कुल: 3364 महिला मन साग-बाड़ी, पोषण वाटिका, मुसरी पालन अउ मछरी पालन कस काम करत हें।
आने वाले साल 2026-27 म 10,780 महिला मन ला जोड़े के लक्ष्य रखे गे हे। ओ मन के मदद बर क्लस्टर लेवल म ‘आजीविका सेवा केंद्र’ घलो खोले जात हे, जेला दीदी मन खुद चलाही। ए केंद्र ले ओ मन ला बीज, खेती के औजार अउ खाद असन जरूरी चीज मन मिलही।
अधिकारी मन ह दीदी मन ले करिन गोठ-बात
CEO श्री मंडावी ह हाल म नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर अउ कांकेर के महिला किसान मन ले मिलके ओ मन के काम-काज ला देखिन। ओ मन नरहरपुर के दुरिहा गांव रावस अउ बांस पत्तर पहुंचिन, जहां महिला किसान सुरेखा नेताम के बखरी म लगे ‘ग्राफ्टेड’ साग-भाजी अउ मुर्गी पालन ला देख के बड़ खुस होइन। ओ मन ग्राम ठेमा के महिला किसान नामिका यादव के वनोपज अउ मछरी पालन के घलो तारीफ करिन।
अइसने, शनिवार के दिन ओ मन भानुप्रतापपुर के हाटकर्रा गांव म मोतिन दर्रो के बकरू-मछरी पालन अउ सूरजमुखी के खेती ला देखिन। ग्राम धनेली के जमुना कोर्राम ले डबरी के बारे म जानकारी लीन अउ कठोली के दीदी मन ले चर्चा करके ओ मन ला अउ जादा काम करे बर प्रोत्साहित दिहिन।
आज कांकेर जिला म महिला मन के आजीविका बढ़ाय बर ए “दीदी के बखरी” काम ह आन महिला मन बर घलो प्रेरणा बनत हे। एला देख के अब दूसर दीदी मन घलो अपन जिनगी सुधारे अउ कमाई बढ़ाय बर आगू आवत हें।