डबरी, मछरी पालन अउ बहुफसली खेती ले बदली तकदीर—सगनू बनिन गांव के प्रेरणास्रोत
रायपुर. ग्रामीण विकास के डहर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक बड़े माध्यम के रूप में आगू आए हे। ए योजना ह सिर्फ रोजगार देय तक सीमित नहीं हे, बल्कि स्थायी संपत्ति बनाके ग्रामीण परिवार मन ल आत्मनिर्भर बनाए में घलो बड़ भूमिका निभावत हे। एखर जीता-जागता उदाहरण अरौद डुबान क्षेत्र के ग्राम कलारबाहरा के रहइया सगनू राम के सफलता के कहानी हे।
सगनू राम एक छोटे किसान परिवार ले हें। थोरिक जमीन अउ अगास के भरोसा (वर्षा आधारित) खेती करे के सेती ओखर कमाई ह कम-बेसी होत रहय। सिंचाई के साधन नहीं होय के कारण ओमन साल भर में सिर्फ एक फसल ले पावत रहिन, जेखर ले परिवार के आर्थिक हालत कमजोर रहय।
हालत तब बदली जब ओ मन ल ग्राम पंचायत के माध्यम ले मनरेगा योजना के जानकारी मिलीस। ओमन साल 2023-24 में अपन खेत में 25×25 मीटर के डबरी निर्माण बर अरजी (आवेदन) दीन, जेखर मंजूरी मिल गे। लगभग 2.98 लाख रुपिया के लागत ले बने ए डबरी ह ओखर खेत बर पानी के स्थायी जरिया बन गे।
डबरी बने के बाद ओखर खेती-किसानी में बड़ बदलाव आइस। अब ओमन नियम ले सिंचाई कर पावत हें, जेखर ले 2 एकड़ में धान के फसल के पैदावार अउ क्वालिटी (गुणवत्ता) दूनों बढ़ गे हे। एखर संग ही कृषि विभाग के मदद ले ओमन 1.5 एकड़ में माड़िया (रागी) के खेती घलो शुरू करिन, जेखर ले ओ मन ल लगभग 60 हजार रुपिया के अऊ जादा कमाई होइस।
सगनू राम ह डबरी के उपयोग मछरी पालन बर घलो करिन, जेखर ले ओ मन ल करीब 30 हजार रुपिया तक के अतरिक्त आमदनी होय लागिस। ए तरीका ले जल संरक्षण, बहुफसली खेती अउ मछरी पालन ल जोड़ के ओमन कमाई के एक मजबूत अउ टिकाऊ रद्दा (मॉडल) तैयार कर लिन।
ओमन खेती के आधुनिक तरीका—जइसन फसल चक्र, जैविक खाद के प्रयोग अउ पानी के बढ़िया प्रबंधन तकनीक—ल घलो अपनाइन हें। एखर ले फसल के पैदावार तो बढ़िस ही, संग में लागत घलो कम हो गे। आगू के दिन में ओमन साग-भाजी उगाय अउ ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाय के योजना बनावत हें।
आज सगनू राम न केवल आर्थिक रूप ले मजबूत होइन हें, बल्कि गांव के आन किसान मन बर घलो प्रेरणा बन गे हें। ओखर सफलता ल देख के गांव के दूसर लोगन मन घलो मनरेगा के तहत डबरी निर्माण अउ खेती-किसानी के नवा तरीका डहर आगू बढ़त हें।
ए सफलता के पीछे ग्राम पंचायत, मनरेगा योजना अउ कृषि विभाग के मिल-जुल के करे गे कोसिस हे। सही बखत में मिले मार्गदर्शन अउ मदद ह सगनू राम के जिनगी में बड़ नीक बदलाव लानिस।
सगनू राम के ये कहानी ह साबित करथे कि सरकारी योजना मन के सही उपयोग अउ नवा सोच के संग करे गे मेहनत ह थोरिक साधन में घलो आत्मनिर्भरता के रद्दा खोल सकथे। ये ग्रामीण भारत बर भरोसा, प्रेरणा अउ विकास के एक मजबूत संदेस हे।