बिहान मिशन ले जुड़ के बदलिस जिनगी
लखपति दीदी बने के डहार बढ़त कदम
रायपुर. कम साधन अउ रूपया-पइसा के तंगी मा जिनगी काटइया गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला के सकोला तहसील, ग्राम पंचायत मडई के ओमबती आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के एक ठन बड़े मिसाल बन गे हें। अपन भरोसा अउ मिहनत के दम मा ओमन न केवल अपन घर के आर्थिक हालत ला सुधारिन, बल्कि समाज मा घलो एक नवा पहिचान बनाइन।
ओमबती के जिनगी मा बदलाव तब आइस, जब ओमन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ले जुड़िन। ए मिशन ह ओमन ला खुद के रोजगार सुरू करे के मउका दीस, संगे-संग आत्मनिर्भर बने बर जरूरी ट्रेनिंग अउ बढ़ावा घलो दीस। ‘जयानी जलाक्षी’ स्वसहायता समूह के सक्रिय सदस्य के रूप मा ओमबती ह समूह के दूसर महिला मन संग मिलके छोटे उद्योग सुरू करिन। सुरूवात मा ओमन महुआ लड्डू, नारियल लड्डू अउ मशरूम उत्पादन कस काम अपनाइन। ओकर मिहनत अउ सामान के बढ़िया कउलिटी के सेती स्थानीय बजार मन मा एकर मांग लगातार बढ़त गिस।
अभी के बखत मा ओमबती हर महीना 8 ले 10 हजार रूपया तक कमावत हें, जेकर ले ओकर परिवार के स्थिति मा बड़े सुधार आय हे। ओमन अब न केवल आत्मनिर्भर बन गे हें, बल्कि ‘लखपति दीदी’ बने के डहार आगू बढ़त हें। ओमबती के सफलता ए बात के परमान आय कि यदि सही रद्दा, मजबूत मंच अउ पक्का इरादा मिलय, त कोनो भी महिला अपन जिनगी बदल सकथे। आज ओमन अपन परिवार के सहारा बने के संग-संग गाँव के दूसर महिला मन बर घलो प्रेरणा बन गे हें। छत्तीसगढ़ सरकार के जनकल्याणकारी योजना मन ले ग्रामीण इलाका मा महिला मन सशक्तिकरण अउ आत्मनिर्भरता कोति लगातार आगू बढ़त हें।