वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनीस आत्मनिर्भरता के मिसाल
कवर्धा वन विकास निगम ला मिलीस बड़ सफलता
रायपुर. वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) के उत्पादन ग्रामीण इलाका मा किसान मन, अऊ खास करके महिला मन बर आत्मनिर्भरता अऊ आर्थिक मजबूती के एक बड़ मिसाल बन गे हे। ए कम खरचा वाला काम न केवल जैविक खेती ला बढ़ावा देवत हे, बल्कि रासायनिक खाद के जरूरत ला कम करके खेत के माटी ला घलो उपजाऊ बनावत हे।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश मा, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल ह नवा सोच अऊ बढ़िया प्रबंधन ले सफलता के एक नवा कहानी लिखे हे। यहाँ के गुडली रोपणी (नर्सरी) मा केंचुआ खाद बनाय के काम शुरू करे गे हे, जेकर से न केवल विभाग के जरूरत पूरा होवत हे, बल्कि अब ए मंडल ह पइसा कमाए के रद्दा मा घलो आगू बढ़ गे हे।
थोरकिन संसाधन मा बड़ उपलब्धि
गुडली रोपणी मा बिना कोनो अलग बजट के, जौन साधन उपलब्ध रहिस ओकर सही उपयोग करके वर्मी कंपोस्ट बनाए के काम शुरू करिन। यहाँ 6 वर्मी टैंक के मदद ले सिर्फ 3 महीना मा 150 क्विंटल खाद तैयार करे गे हे। ए हिसाब ले साल भर मा लगभग 600 क्विंटल खाद बनाए के लक्ष्य रखे गे हे। ए पहल ले पता चलथे कि अगर योजना सही हो तो कम साधन मा घलो बड़ काम करे जा सकथे।
खरीदइया ले बन गे बेचइया
पहली कवर्धा परियोजना मंडल ला अपन नर्सरी बर बाहर ले खाद खरीदना परत रहिस, फेर अब हालत बदल गे हे। अपन जरूरत ला पूरा करे के बाद घलो यहाँ 500 क्विंटल ले जादा खाद बच जावत हे, जिला अब दूसर मंडल ला बेचे जाही। एकर से गाड़ी-घोड़ा के खरचा अऊ खरीदी मा बचत होही अऊ निगम के कमाई घलो बढ़ही।
स्थानीय लोगन मन ला मिलीस रोजगार
ए योजना के फायदा सिर्फ विभाग तक सीमित नइ हे। खाद बनाए के काम मा गाँव के लोगन मन ला जोड़े गे हे, जेकर से मन ला गाँव के तीर मा ही रोजगार मिलत हे अऊ ओमन के कमाई बढ़त हे।
ब्रांड बनके बजार मा उतरही उत्पाद
वन विकास निगम अब ए वर्मी कंपोस्ट ला एक ब्रांड बनाके बजार मा उतारे के तैयारी करत हे। आगू चलके एकर बढ़िया पैकेजिंग अऊ ब्रांडिंग करे जाही, जेकर से कमाई तौ बढ़बे करही, संग मा स्थानीय लोगन मन बर रोजगार के नवा रद्दा घलो खुलही।
प्रेरणादायक मॉडल
कवर्धा परियोजना मंडल के ए कोसिस ह दूसर मंडल बर घलो एक प्रेरणा बनत हे। ए उदाहरण ले पता चलथे कि सरकारी विभाग घलो नवा सोच ले आत्मनिर्भर अऊ मुनाफ़ा वाला बन सकथे। केंचुआ खाद के ए पहल जैविक खेती ला बढ़ावा देय अऊ गाँव के अर्थव्यवस्था ला मजबूत करे मा एक बड़ कदम आय।