चेकडैम बनीस ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मजबूत आधार, जल संरक्षण ले बदलीस खेती-किसानी के तस्वीर
रायपुर. छत्तीसगढ़ मा जल संरक्षण अऊ गाँव के रोजी-रोटी ला मजबूत बनाए बर करे जावत कोसिस अब जमीन मा दिखत हे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बनाए गे चेकडैम ह गाँव के अर्थव्यवस्था ला ताकत देवत हें अऊ किसान मन ला आत्मनिर्भर बनावत हें।
बलरामपुर जिला के राजपुर जनपद मा ग्राम पंचायत उफिया के सुई थोपा नाला मा बने चेकडैम एकर बड़ सुग्घर उदाहरण आय। ए संरचना ले न केवल बरसात के पानी के बचाव होवत हे, बल्कि इलाका के जमीन के भीतर के पानी (भू-जल स्तर) मा घलो बढ़ोत्तरी होय हे। पहली जहाँ पानी के तंगी सेती किसान मन थोरकिन खेती कर पावत रहिन, अब ओ मन ला साल भर सिंचाई बर भरपूर पानी मिलत हे।
चेकडैम ले लगभग 16 एकड़ खेत मा पानी पहुँचत हे, जेकर ले 7 किसान मन ला सीधा फायदा होवत हे।किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान अऊ साग-भाजी जैसे कतको फसल उगाके अपन कमाई बढ़ावत हें। एकर संग मा तीर-तखार के 25 ले 30 अउ किसान मन ला घलो एकर लाभ मिलत हे। मनरेगा के तहत ए काम ले गाँव के लोगन मन ला रोजगार मिलीस, जेकर से ओ मन के आमदनी बढ़िस। चेकडैम बने ले न केवल खेती बर, बल्कि गाय-गरवा मन बर घलो साल भर पानी के इंतजाम हो गे हे।
ए रद्दे, जल संरक्षण के ए पहल ग्रामीण विकास, खेती-किसानी मा खुशहाली अऊ आजीविका ला मजबूत करे के एक बड़ माध्यम बनके उभरत हे।