बिस्व मलेरिया दिवस म खास: जांच, इलाज अउ जनभागीदारी ले बदलत हे तसवीर, अब लछ्य हे पूरा जड़ ले मिटाना
रायपुर. सुरुआत ह अकसर मामूली ही होथे—हल्का जोरा (बुखार), कड़कड़ात जाड़ (ठंड) लगना, सरीर म कमजोरी… अइसन लछन जेला हमन अकसर नजरअंदाज कर देथन। फेर कतको बेर एही च संकेत ह एक गंभीर बीमारी के दस्तक होथे। मलेरिया घलो अइसने धीरे-धीरे सरीर ला धर लेथे। संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के एक डंक ले सुरु होके, अगर सही समे म पहिचान नई होइस, त स्थिति ह बिगड़ सकथे। एही सेती समे म जांच अउ इलाज ला लेके जागरूकता ह बहुत जरूरी हे।
25 अप्रैल के मनाय जाय वाला ‘बिस्व मलेरिया दिवस’ हमन ला सिरिफ़ ए बीमारी के खतरा के सुरता नई दिलावय, बल्कि ये घलो बताथे कि सावधानी अउ मिल-जुल के कोसिस करे ले एला रोके जा सकथे। छत्तीसगढ़ बर ये अउ घलो जरूरी हो जाथे, जहां जंगल-पहाड़ अउ दूर-दराज के इलाका मन के सेती मलेरिया ह बहुत दिन तक एक बड़े चुनौती बने रहिस।
हालांकि, पिछले कुछ बछर मन म राज्य ह ए डहर बने काम करे हे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ा के मुताबिक, बछर 2015 म कुल 1,44,886 मामला रहिस, जो बछर 2025 म घट के 28,836 रह गे। ये बदलाव ए बात के निसानी हे कि बने रणनीति, समे म जांच अउ मुफ्त इलाज जइसन कोसिस मन अब रंग लावत हें।
बीमारी ले बचाव अउ सरकारी रणनीति
मलेरिया, जो संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटे ले फैलथे, समे म इलाज नई मिले ले खतरनाक हो सकथे। खास करके लइका मन, पेट ले महिला मन (गर्भवती) अउ कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मनखे मन बर ये जादा जोखिम वाला होथे। एला देखत छत्तीसगढ़ सरकार ह मलेरिया रोके बर कतको किसम के रणनीति अपनाय हे।
- जांच अउ निगरानी: राज्य म हर संका वाला मनखे के तुरंत जांच, पॉजिटिव आय म मुफ्त इलाज अउ मरीज मन के लगातार देखरेख करे जावत हे।
- मलेरिया मुक्त अभियान: ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’ अउ ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर’ जइसन अभियान चलाय जावत हे, जेम स्वास्थ्य विभाग के टीम ह घर-घर पहुंच के जांच अउ दंवाई बांटत हे।
- मितानिन मन के भूमिका: दूर-दराज के जंगल वाले इलाका मन म स्वास्थ्य सेवा पहुंचाय बर मोबाइल मेडिकल यूनिट, मितानिन अउ ट्रेनिंग पाय स्वास्थ्य करमी मन ह बड़े काम करत हें। ये टीम मन न सिरिफ़ इलाज करत हें, बल्कि लोगन मन ला जागरूक घलो बनावत हें।
मलेरिया ले बचे बर का करन?
मलेरिया ले बचे बर खुद के सावधानी घलो बहुत जरूरी हे:
- मच्छरदानी के उपयोग करव।
- आसपास ला साफ-सुथरा राखव।
- कोनो घलो जगह म पानी ला जमा झन होन देव।
- जोरा (बुखार) आय म तुरंत जांच कराव।
लछ्य – 2030 तक मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़
राज्य सरकार के साफ लछ्य हे कि बछर 2030 तक छत्तीसगढ़ ला मलेरिया मुक्त प्रदेश बनाये जाय। एखर बर शासन, प्रशासन अउ आम जनता के बीच तालमेल ला अउ मजबूत करे जावत हे।
बिस्व मलेरिया दिवस के मऊका म स्वास्थ्य विभाग ह प्रदेशवासी मन ले अपील करे हे कि ओमन ए अभियान म बढ़-चढ़ के हिस्सा लेवं अउ मलेरिया ला लेके जागरूक रह के एक स्वस्थ, सुरक्षित छत्तीसगढ़ बनाये म मदद करं।