फूल मन के महक ले महकिस ईश्वरचरण पैकरा के किस्मत
- परंपरागत खेती ला छोड़ के फूल के खेती अपनाइस, कम लागत म मिलिस जादा मुनाफा
- एक किसान के सफलता बनिस प्रेरणा, गांव के आन किसान मन घलो बढ़ावत हें कदम
रायपुर. परंपरागत खेती (गेहूं-धान) के तुलना म फूल के खेती ह कम खरचा म 3-4 गुना ले जादा मुनाफा देवत हे। गेंदा, गुलाब अउ गुलदाउदी जइसन फूल के मांग 12 महीना रहे ले किसान मन हर सीजन म जबर कमाई करत हें। कम पूंजी ले सुरू होय ए कारोबार ह हर हेक्टेयर म लाखो रूपया के सुध लाभ देवत हे, जेकर ले किसान मन आर्थिक रूप ले आत्मनिर्भर बनत हें। बिहाव, पार्टी, तिहार अउ धरम-करम के काज म फूल के मांग साल भर बने रहिथे, जेकर ले बने कीमत घलो मिलथे।
राज्य सासन के योजना के लाभ लेके रायगढ़ जिला के किसान मन अब पुराना ढंग के खेती ले आगू बढ़ के उद्यानिकी फसल (बारी-बखरी) कोति रुख करत हें। एही कड़ी म लैलूंगा विकासखंड के ग्राम गमेकेरा के रहइया किसान ईश्वरचरण पैकरा ह राष्ट्रीय बागवानी मिशन ले जुर के फूल के खेती अपनाइस अउ अपन कमाई म बड़का बाढ़ोत्तरी करिस। ए किसान के सफलता आज सबो बर प्रेरणा बन गे हवय।
श्री पैकरा ह पहिले पुराना ढंग ले धान के खेती करत रिहिस, जेमा मिहनत के हिसाब ले कमाई ह कम होवत रिहिस। बछर 2025-26 म ओहा उद्यानिकी विभाग के मारगदरसन म 0.400 हेक्टेयर भुइँया म गेंदा फूल के खेती सुरू करिस। विभाग ले तकनीकी मदद अउ जरूरी जानकारी मिले के बाद ओहा वैज्ञानिक तरीका ले खेती करिस, जेकर नतीजा ह बड़ सुग्घर आइस। जिहां पहिले धान के खेती ले ओला लगभग 11 क्विंटल उपज मिलत रिहिस अउ कमाई कम होवत रिहिस, उहें फूल के खेती ले ओला लगभग 38 क्विंटल उपज मिलीस। ए उपज ले ओकर कुल कमाई लगभग 3 लाख 4 हजार रूपया तक पहुंच गे। लागत (खरचा) ला निकाल के ओला लगभग 2 लाख 59 हजार रूपया के सुध लाभ होइस, जेहा पुराना खेती के तुलना म कतको गुना जादा हे।
फूल के खेती म सफलता मिले के बाद श्री पैकरा के भरोसा ह अउ बाढ़ गे हे। ओहा बताथे कि कम बखत म जादा फायदा मिले के कारन अब ओहा ए खेती ला अउ बड़े रूप म करे के जोजना बनावत हे। ओकर खेत म फूले गेंदा फूल के रंगीन पांती मन आज ओकर मेहनत अउ सफलता के कहानी सुनावत हें। ओकर ए उपलब्धि ला देख के गांव के आन किसान मन घलो अब उद्यानिकी फसल कोति खिंचात हें अउ विभाग ले गोठ-बात करके फूल के खेती अपनाय बर उत्साहित होवत हें। ए तरीका ले राज्य सासन के जोजना मन न केवल किसान मन के कमाई बढ़ाय म मददगार साबित होवत हें, बल्कि खेती-किसानी के सरूप म घलो सुग्घर बदलाव लावत हें।