नवरस अउ गियान-इंद्रिय के माध्यम ले दमदार गोठ-बात: जशपुर मा महिला समूह के ‘स्टोरी टेलिंग’ वर्कशॉप सफल
रायपुर. छत्तीसगढ़ मा महिला मन ल ताकतवर बनाये अउ छोटे-बड़े बन के उपज ले जुरे रोजगार ल बढ़ावा दे बर एक नवा किसम के काम करे गिस। जशपुर जिला मा तीन दिन के ‘स्टोरी टेलिंग’ कार्यशाला के बढ़िया आयोजन होइस। ये प्रोग्राम ह वन मंडल जशपुर, जिला लघु वनोपज संघ मर्यादित अउ फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के मिल-जुल के प्रयास ले 24 ले 26 अप्रैल तक जिला मुख्यालय के निर्वाणा होटल मा रखाय रहिस। एमा अलग-अलग विकासखंड के स्व-सहायता समूह के महिला मन बढ़-चढ़ के हिस्सा लीन।
ये कार्यशाला मा कुनकुरी, बगीचा, जशपुर, पत्थलगांव, कांसाबेल अउ सन्ना विकासखंड के ‘वन धन विकास केंद्र’ ले जुरे माइ-कौनों मन सामिल होइन। ओ मन ल सिखाय गिस कि कइसने अपन अनुभव, जीवन के संघर्ष अउ सफलता के कहानी ल दुनिया के आगू बढ़िया ढंग ले रखे जा सकथे। एखर मुख्य मकसद महिला मन के भीतर भरोसा जगाना अउ पानी, जंगल अउ जमीन ल बचाय बर जागरूक करना रहिस।
ट्रेनिंग के बखत जानकार मन ह महिला मन ल नवरस (मनखे के अलग-अलग भाव) अउ पाँचों गियान-इंद्रिय के सही उपयोग करके कहानी सुनाय के तरीका बताइन, जेखर ले बात ह जीवंत अउ असरदार लगे। खेल-खेल मा अभ्यास, समूह मा गोठ-बात अउ प्रस्तुतीकरण के जरिये महिला मन के बातचीत करे के तरीका (संप्रेषण क्षमता) ल अउ मजबूत करे गिस।
कार्यशाला के आखिरी दिन महिला मन ह अपन खुद के बनाय कहानी ल सुनाइन। एमा ओ मन के जिन्दगी के अनुभव, गाँव के पुरखौती परंपरा अउ जंगल बर ओ मन के मया साफ-साफ दिखिस। महिला मन कहिन कि ये ट्रेनिंग ले ओ मन ल बहुत कुछू सीखे बर मिलिस अउ ओ मन के डर ह दूर हो गे।
वन विभाग के कहना हे कि ये कार्यशाला ह सिरिफ़ महिला मन के बात करे के तरीका ल नइ सुधारे हे, बल्कि समाज मा कुदरती साधन मन ल बचाय बर घलो लोगन ल जागरूक करे हे। विभाग ह बताइस कि आगे घलो अइसन नवा-नवा कार्यक्रम मन के आयोजन होत रही।