राज्यपाल श्री डेका ह कॉलेज के छात्रा मन संग करीन गोठ-बात, सफलता बर दीन मार्गदर्शन
रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका ह आज इहां ‘लोकभवन’ मां संत गोविंद राम शदाणी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय (देवेन्द्र नगर, रायपुर) के लइकी मन संग रूबरू होइन। ओमन पढ़ाई-लिखाई के बिषय मां चरचा करके मार्गदर्शन दीन अउ लइकी मन के सवाल मन के सुग्घर समाधान करीन।
लोकभवन के ‘छत्तीसगढ़ मण्डपम’ मां होय ए कार्यक्रम मां श्री डेका ह अपन संदेसा मां कहिन कि विद्यार्थी मन बर अनुशासन सबले जादा जरूरी हे। एखर बिना सफलता नई मिलय। जीवन ला पूरा करे बर योजना बना के काम करना चाहि। जतका बढ़िया योजना राही, जीवन ओतके सुग्घर होही। लक्ष्य पाय बर कड़ा मेहनत घलो करना परही। मनखे मां मानवीय गुन होना घलो जरूरी हे अउ शिक्षा ले ही ए गुन के विकास होथे। श्री डेका ह कहिन कि ‘अपन खुसी अपन भीतर होथे’, दूसर ले तुलना करके दुखी झन होवव, बल्कि जउन आपके पास हे ओमां संतुष्ट रहव।
श्री डेका ह कहिन कि हमर संस्कृति मां माई लोगन मन के स्थान सबले ऊंच हे। ओमन नारी के तुलना ‘पानी’ ले करत कहिन कि जइसन पानी के बिना जीवन असंभव हे, वइसने नारी के बिना ए दुनिया (सृष्टि) के कल्पना घलो नई करे जा सके। गोठ-बात के बखत लइकी मन ह राज्यपाल ले कतको सवाल पूछिन, जइसन:
- तनाव ला सकारात्मक उरजा मां कइसने बदलें?
- सोशल मीडिया ले दूरी बनाय बर का करना चाहि?
- हुनर (कौशल) अउ प्रशिक्षण के का महत्व हे?
- देस अउ परदेस के विकास मां कइसने योगदान दे सकथन?
लइकी मन ह नारी सशक्तिकरण, राज्यपाल के स्कूल-कॉलेज बखत के कऊनो प्रेरक घटना अउ छत्तीसगढ़ मां ओमन ला सबले जादा का पसंद आइस, अइसन रोचक सवाल घलो पूछिन।
इलाका के विधायक पुरंदर मिश्रा ह घलो लइकी मन के सवाल के जवाब दीन अउ मार्गदर्शन करिन। राज्यपाल श्री डेका ह लइकी मन ला ‘स्मृति चिन्ह’ (यादगार भेंट) प्रदान करिन। ए मौका मां कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उषा अग्रवाल, शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल जी महराज, प्राध्यापकगण अउ बड़ संख्या मां लइकी मन उपस्थित रहिन।