बरसात के बाद सड़कों-पुलों की मरम्मत सर्वोच्च प्राथमिकता, 31 अगस्त तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
रायपुर, छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों व पुल-पुलियों के सुधार के लिए प्रशासन हरकत में आ गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग परिक्षेत्र के निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश खत्म होते ही बी.टी. पेच रिपेयरिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। इसके लिए 31 अगस्त तक निविदा (Tender) प्रक्रिया पूर्ण कर 31 सितंबर तक एजेंसियां तय करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
नवा रायपुर स्थित पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता मौजूद रहे।
| विषय / कार्य | तय सीमा / निर्देश |
| पेच रिपेयरिंग निविदा (Tender) | 31 अगस्त 2026 तक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश |
| मरम्मत एजेंसी का चयन | 31 सितंबर 2026 तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य |
| PWD-IMS पोर्टल एंट्री | सभी विभागीय कार्यों की प्रविष्टि 31 अगस्त तक अनिवार्य |
| पूर्ण कार्यों का अंतिम भुगतान | कार्य पूर्ण होने के 3 माह (30 सितंबर) के भीतर |
| स्टाफ का प्रशासनिक फेरबदल | 3 वर्ष से एक ही टेबल पर कार्यरत कर्मियों का तबादला 30 सितंबर तक |
| मैदानी निरीक्षण | अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम 2 दिन साइट विजिट अनिवार्य |
1. खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत और परफॉर्मेंस गारंटी पर नोटिस
बैठक में सचिव बंसल ने स्पष्ट किया कि अतिवृष्टि से प्रभावित सड़कों और पुल-पुलियों पर आवागमन जल्द से जल्द बहाल करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- तत्काल गड्ढा भराई: चालू मानसून सीजन के दौरान सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढे भरने का काम तुरंत जारी रखने को कहा गया है।
- ठेकेदारों पर कसेंगे शिकंजा: परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के तहत आने वाली सड़कों की मरम्मत न करने वाले ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
“सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद फाइलों को लटकाने के बजाय 3 महीने के भीतर ठेकेदारों के सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।”
— मुकेश कुमार बंसल, सचिव (लोक निर्माण विभाग)
2. वित्तीय अनुशासन: 30 सितंबर तक अंतिम भुगतान और पोर्टल क्लोजर
ठेकेदारों के लंबित बिलों और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सचिव ने स्पष्ट गाइडलाइन दी:
- 3 महीने में भुगतान: काम पूरा होने के 3 महीने के भीतर जीएसटी, रॉयल्टी और अंतिम बिलों का भुगतान कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराते हुए PWD-IMS पोर्टल में कार्य को ‘क्लोज’ (Close) किया जाए।
- कार्यक्रमों के बिल: विभागीय आयोजनों और कार्यक्रमों के बिलों का भुगतान 1 महीने के भीतर नियमित रूप से किया जाएगा।
- नए प्रस्ताव: वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन (Estimates) 31 अगस्त तक जमा करने होंगे।
3. पारदर्शी प्रशासन: 3 साल से जमे कर्मचारियों के तबादले और ACR मार्किंग
प्रशासनिक कसावट लाते हुए सचिव बंसल ने राज्य सरकार की नीति के तहत कड़े निर्देश दिए:
- तबादला नीति: एक ही टेबल या पद पर पिछले 3 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची बनाकर 30 सितंबर 2026 तक नई पदस्थापना की जाएगी।
- ACR में मार्किंग: अभियंताओं के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में उनके द्वारा समय-सीमा में पूर्ण कराए गए निर्माण कार्यों की संख्या के आधार पर अंक (Marking) दिए जाएंगे।
4. कनेक्टिविटी, भू-अर्जन और जनशिकायतों का समाधान
- पहुंचविहीन गांव: सुदूर और पहुंचविहीन ग्रामीण इलाकों को बारहमासी सड़कों और पुलों से जोड़ने के लिए द्रुतगामी सड़कों के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
- 3 माह में भू-अर्जन: आपसी सहमति से होने वाली भू-अर्जन प्रक्रिया को 3 महीने के भीतर पूरा कर तत्काल नामांतरण (Mutation) कराने के निर्देश दिए गए।
- जनशिकायत निवारण: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, CPGRAMS और लोक सेवा गारंटी के लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए कार्यपालन अभियंताओं (EE) को हर 15 दिन में पोर्टल की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पेंशन प्रकरण: इस वर्ष सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के पेंशन और लंबित मामलों का निराकरण 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।
बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय सहित दुर्ग मंडल व सभी 7 संभागों के कार्यपालन अभियंता (EE) एवं अनुविभागीय अधिकारी (SDO) उपस्थित थे।