वर्ल्ड लीडर्स फोरम: CM विष्णुदेव साय ने पेश किया छत्तीसगढ़ की ‘न्यू इकॉनमी’ का रोडमैप
रायपुर, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ के वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के विकास का नया विज़न प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जैसी वैश्विक हस्तियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप्स पर आधारित आधुनिक अर्थव्यवस्था का नया हब बनेगा।
मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
- 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव: नई औद्योगिक नीति 2024-30 के लागू होने के बाद प्रदेश को भारी निवेश प्रस्ताव मिले।
- 5,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 5 हज़ार नए स्टार्टअप विकसित किए जाएंगे; नवाचारों के लिए ₹10 लाख तक का सीड फंड।
- 6 लाख युवाओं को AI प्रशिक्षण: 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई ट्रेनिंग दी जाएगी।
- ₹500 करोड़ का AI मिशन: 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।
- नवा रायपुर में डेटा सेंटर पार्क: ₹1,000 करोड़ की लागत से बनेगा एआई डेटा सेंटर पार्क।
- मजबूत अर्थव्यवस्था: 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था ₹6.31 लाख करोड़ पहुंची; आर्थिक वृद्धि दर 11.57% दर्ज।
युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि उसे सीधा स्थानीय रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।
“छत्तीसगढ़ का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा और तकनीक के दम पर दूसरों को रोजगार देने वाला ‘जॉब क्रिएटर’ बनेगा।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
₹6.31 लाख करोड़ पहुंची राज्य की अर्थव्यवस्था
फोरम में आर्थिक आंकड़े पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:
- जीडीपी का आकार: वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग ₹6.31 लाख करोड़ हो गया है।
- प्रति व्यक्ति आय: बढ़कर ₹1,79,244 तक पहुंच गई है।
- बजट 2026-27: ₹1.72 लाख करोड़ के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजीगत व्यय और जन-कल्याण पर मुख्य फोकस रखा गया है।
भविष्य के ‘ग्रोथ इंजन’: सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन एनर्जी
छत्तीसगढ़ में अब भारी उद्योगों के अलावा तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है:
- हाई-टेक क्लस्टर: राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 142 एकड़ का फार्मा पार्क।
- लिथियम खोज: कोरबा में लिथियम मिलने के बाद ई-व्हीकल, बैटरी निर्माण और न्यू एनर्जी सेक्टर में बड़े अवसर।
- ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन: 4,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट संचालित।
बस्तर: सुरक्षा के साथ खुले विकास, पर्यटन और निवेश के द्वार
बदलते बस्तर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद अब बस्तर नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बन रहा है:
- आजीविका योजना: बस्तर सहित वनांचल के 10 लाख परिवारों के लिए ₹4,824 करोड़ की योजना।
- शिक्षा व स्वास्थ्य: बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया; 34 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार।
- रेल कनेक्टिविटी: ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से बस्तर की औद्योगिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- पर्यटन को उद्योग का दर्जा: चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र पर लाने का काम जारी।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: ‘स्वचालित अनुमति’ व्यवस्था
निवेशकों को पारदर्शी माहौल देने के लिए राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है।
- ऑटो-अप्रूवल: कम जोखिम वाले उद्योगों में समय पर निर्णय न होने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ (स्वतः अनुमति) का कड़ा प्रावधान।
- MSME को राहत: 8 विभागों की 43 सेवाओं को शामिल करने से प्रदेश के लगभग 15 लाख MSME को सीधा फायदा मिलेगा।