लोक निर्माण विभाग में लागू होगी ‘WAMIS’ प्रणाली: ई-प्राक्कलन से बिल भुगतान तक सब होगा डिजिटल, रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की पहल पर कैबिनेट की मंजूरी; सी-डैक पुणे द्वारा विकसित ‘वमिस’ प्रणाली से PWD की पूरी कार्यप्रणाली बनेगी पेपरलेस और जवाबदेह।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराए जाने वाले सभी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता लाने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रही है। विभाग की संपूर्ण कार्यप्रणाली अब ‘वर्क एण्ड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंटीग्रेशन सिस्टम’ (WAMIS) के जरिए संचालित होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रणाली को लागू करने की स्वीकृति दी जा चुकी है।
सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के लागू होने से कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति से लेकर अंतिम भुगतान तक की सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑनलाइन और अभिलेख-आधारित हो जाएंगी। PWD में इस मॉडल की सफलता के बाद इसे राज्य के अन्य निर्माण व अधोसंरचना विभागों में भी लागू किया जाएगा।
‘वमिस’ (WAMIS) प्रणाली की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
- एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी प्रक्रियाएं: प्रशासकीय व तकनीकी स्वीकृति, ई-प्राक्कलन (e-Estimate), ई-प्रोक्योरमेंट (निविदा), ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान और लेखा प्रबंधन अब एक ही जगह से होंगे।
- जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति पर नजर रखने के लिए जियो-टैग्ड (Geo-tagged) तस्वीरों का उपयोग किया जाएगा।
- ठेकेदारों को समयबद्ध भुगतान: देयकों की ऑनलाइन प्रोसेसिंग से बिल पास होने में लगने वाला समय कम होगा, जिससे परियोजनाओं की गति बढ़ेगी।
- पारदर्शिता और मानवीय दखल में कमी: डिजिटल मापन (e-MB) से गड़बड़ियों, कागजी औपचारिकताओं और मानवीय गलतियों की गुंजाइश खत्म होगी।
- स्वतः तैयार होगा लेखा: महालेखाकार (AG) कार्यालय को भेजी जाने वाली मासिक लेखा प्रविष्टियां और कैशबुक इस सिस्टम से ऑटो-जनरेट होंगी।
कैसे काम करेगा ‘वमिस’ (WAMIS)?
‘वमिस’ किसी भी निर्माण कार्य के पूरे जीवन-चक्र (प्रारंभिक प्रस्ताव से लेकर कार्य पूर्णता और अंतिम भुगतान) को डिजिटली ट्रैक करता है। इस प्रणाली से वरिष्ठ अधिकारी और शासन स्तर पर किसी भी परियोजना की भौतिक (Physical) और वित्तीय (Financial) प्रगति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे।
विभागीय परिसंपत्तियों और बजट आवंटन के विरुद्ध व्यय का एकीकृत डेटाबेस हमेशा उपलब्ध रहेगा, जिससे नीतिगत फैसले लेने में आसानी होगी।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान
“शासन का संकल्प है कि जनता के धन से बनने वाला प्रत्येक निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो। ‘वमिस’ (WAMIS) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग की सम्पूर्ण कार्यप्रणाली पारदर्शी, अभिलेख-आधारित और जवाबदेह बनेगी।”
— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री, छत्तीसगढ़
डिजिटल कार्य-संस्कृति की ओर बड़ा कदम
उप मुख्यमंत्री अरुण साव विभाग में निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर पारदर्शी बनाने पर लगातार जोर दे रहे थे। देश के विभिन्न राज्यों में प्रचलित प्रणालियों के तुलनात्मक अध्ययन के बाद सी-डैक पुणे के WAMIS सॉफ्टवेयर को छत्तीसगढ़ की जरूरतों के अनुसार सबसे उपयुक्त पाया गया। इस फैसले से राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेजी और विश्वसनीयता दोनों सुनिश्चित होगी।