शिक्षकों के मार्गदर्शन और जनसेवा से ही समाज व राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव: टंक राम वर्मा
राजस्व मंत्री का बड़ा बयान: अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद शुरू होगी ऑटोमैटिक नामांतरण प्रक्रिया
रायपुर: राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा नेवरा स्थित पी. एम. श्री कन्या शाला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने के संस्कार भी गढ़ते हैं। उन्होंने बलौदाबाजार क्षेत्र में स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और समाज निर्माण में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया।
राजस्व विभाग में हुए कई बड़े प्रशासनिक सुधार
समारोह के दौरान मंत्री वर्मा ने राजस्व विभाग की व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए उठाए गए क्रांतिकारी कदमों की जानकारी दी:
- ऑटोमैटिक नामांतरण: अब रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः प्रारंभ हो जाएगी।
- किसान पुस्तिका: किसानों को चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं; अब किसान पुस्तिका ऑनलाइन डाउनलोड होगी।
- तहसीलदारों को अधिकार: मैन्युअल से ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करने की त्रुटियों को सुधारने के लिए तहसीलदारों को शक्तियां प्रदान की गई हैं।
- कलेक्टर सुनेंगे अपील: द्वितीय अपील की सुनवाई अब कमिश्नर की जगह सीधे जिला कलेक्टर करेंगे।
- फर्जी रजिस्ट्री पर लगाम: तहसील और पंजीयन कार्यालय को ऑनलाइन जोड़कर रजिस्ट्री के समय ओटीपी अनिवार्य किया गया है। 5 डिसमिल से कम जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी।
- भू-माफियाओं पर अंकुश: भारतमाला जैसी बड़ी परियोजनाओं की अधिसूचना जारी होते ही संबंधित क्षेत्र की खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी, ताकि वास्तविक किसानों को मुआवजा मिले।
उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास के लिए स्वीकृतियां
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP): उच्च शिक्षा में NEP लागू कर पढ़ाई को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
- विकास कार्य: 40 गांवों में प्रकाश व्यवस्था के लिए ₹2 करोड़ जारी किए गए हैं।
- अवसंरचना: 100 गांवों के तालाबों में पक्के चबूतरों, 40 गांवों में महतारी सदन और सरस्वती शिशु मंदिर भवनों का निर्माण स्वीकृत किया गया है।