छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 5 बड़े फैसले: युवाओं के लिए स्टार्टअप मिशन, कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट और नई निर्यात नीति को मंजूरी
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और शासकीय कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में मुख्य रूप से रोजगार सृजन, कौशल विकास, निर्यात प्रोत्साहन और न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने से जुड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।
कैबिनेट बैठक में लिए गए मुख्य निर्णयों का ब्योरा इस प्रकार है:
1. ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी
- बजट: आगामी 5 वर्षों के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान।
- प्रमुख प्रावधान:
- राज्य के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना।
- 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण।
- NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल विकास और औपचारिक रोजगार का विस्तार।
- उद्देश्य: युवाओं को “जॉब-सीकर” से “जॉब-क्रिएटर” बनाना और छत्तीसगढ़ को नई तकनीक व स्टार्टअप्स का प्रमुख हब बनाना।
2. ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ स्वीकृत
- लक्ष्य: प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना।
- मुख्य बिंदु:
- मजबूत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात इकोसिस्टम का विकास।
- कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित (Value-Added) उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन।
- ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय उद्यमियों व निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ना।
3. नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना
- भूमि आवंटन: नवा रायपुर के ग्राम तेंदुवा में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित।
- लागत व क्षमता:
- लगभग ₹200 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक शैक्षणिक व आवासीय परिसर।
- दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग मिलेगी।
- प्रभाव: राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे नवा रायपुर कौशल शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा।
4. सरकारी कर्मचारियों के लिए आयु सीमा में बड़ी राहत (38 से बढ़कर 45 वर्ष)
- किन्हें मिलेगा लाभ: राज्य शासन के स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवक, निगम-मंडल व स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी, संविदाकर्मी और नगर सैनिक।
- फैसला: अन्य शासकीय सेवाओं या उच्च पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है।
- लाभ: सेवारत कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नति व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के अधिक अवसर मिलेंगे।
5. दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन के लिए भूमि का आदान-प्रदान
- फैसला: दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन परिसर निर्माण हेतु ग्राम तितुरडीह (BIT कॉलेज के समीप) 4 हेक्टेयर भूमि स्वीकृत।
- प्रक्रिया: भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL) के नाम दर्ज इस भूमि के बदले ग्राम पाहंदा (तहसील पाटन) में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि BSP को दी जाएगी (दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य समान है)।
- परिणाम: दुर्ग में आधुनिक और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ।