नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक: अधिकारियों को प्रातः भ्रमण कर धरातल पर काम कराने के निर्देश
जल संरक्षण के लिए 50 साल की दीर्घकालिक योजना बनाने पर जोर
रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में राज्य के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाली नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को निर्देशित किया कि अधिकारी सुबह शहरों का भ्रमण करें, अवैध कब्जों पर तुरंत कार्रवाई करें और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी जवाबदेही के साथ काम करें।
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश एवं महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:
1. फील्ड विजिट और बुनियादी व्यवस्थाएं
- प्रातः भ्रमण (Morning Visit): निगम आयुक्त और सीएमओ प्रतिदिन सुबह शहरों में निकलकर सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और निर्माण कार्यों का जायजा लें।
- अतिक्रमण पर कड़ाई: अवैध कब्जों पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में सड़क, पानी और बिजली पर अतिरिक्त भार न पड़े।
- फुटपाथ एवं हरित क्षेत्र: फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने और खाली स्थानों को चिह्नित कर ‘अर्बन फॉरेस्ट’ (सघन वृक्षारोपण) विकसित करने के निर्देश दिए गए।
2. 50 वर्षों की जल सुरक्षा और दीर्घकालिक रणनीति
- चिंतन शिविर: आगामी 50 वर्षों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों में चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश।
- जल प्रबंधन: वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting), जल संरक्षण और प्रयुक्त जल (Grey Water) के पुनः उपयोग के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
- हर घर जल: शहरों के प्रत्येक घर में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
3. राजस्व वृद्धि और ऑनलाइन सेवाएं
- डिजिटल भुगतान: संपत्ति कर (Property Tax) के संग्रह के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में ऑनलाइन भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
- नया सर्वे: निकायों की आय बढ़ाने के लिए नई संपत्तियों की पहचान हेतु सर्वे कराने के निर्देश।
4. योजनाओं का क्रियान्वयन और समीक्षा
- सप्ताहिक कार्यपद्धति: राजस्व वसूली, निर्माण कार्य, स्वच्छता और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए नियमित सिस्टम लागू किया जाएगा।
- कल्याणकारी योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक तेजी से पहुंचाने के निर्देश।
- नालंदा परिसर: राज्य में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों (लाइब्रेरी सह स्टडी सेंटर) के लिए आईटी, फर्नीचर और किताबों की व्यवस्था कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख सचिव का वक्तव्य:
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सुचारू शहर प्रबंधन भी उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। विकास कार्यों का असर कागजों के बजाय धरातल पर नजर आना चाहिए और एनजीटी (NGT) के निर्देशों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।