आत्मसम्मान अऊ सुरक्षा के नवा आधार: प्रधानमंत्री आवास योजना
गाँव के जिनगी मा बड़े बदलाव के साथ बेहतर भविस्य के प्रतीक घलो बन चुके हे ये योजना
रायपुर. परदेस मा जउन परिवार आर्थिक रूप ले कमजोर होय के सेती पक्का घर नई बना पावत रहिन, ओ मन बर भारत सरकार ह प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम ले मदद देवत हे। ये योजना ह गाँव अऊ सहर, दूनों जगा मा कच्चा घर मा रहइया या बेघर मनखे मन ला पक्का मकान बनाए बर पइसा देथे। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ला बढ़िया ढंग ले लागू करके परदेस के साय सरकार ह आम मनखे के जिनगी मा बड़े बदलाव लावत हे। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के गौरेला विकासखंड मा ग्राम पंचायत लालपुर के रहइया जमुना प्रसाद अऊ ओखर पत्नी लालती के कहानी ह ये बदलाव के एक सुग्घर मिसाल आय। ओ मन कच्चा अऊ जर्जर मकान ले निकल के अब एक सुरक्षित पक्का घर मा पहुँच गे हें।
जमुना प्रसाद अऊ लालती के नवा घर ह आज सिरिफ़ पक्का दीवार अऊ मजबूत छत ले नई सजे हे, बल्कि ये ह ओ मन के आत्मसम्मान, सुरक्षा अऊ सुग्घर भविस्य के पहिचान बन चुके हे। पहिली जमुना अऊ लालती के परिवार एक अइसन कच्चा घर मा रहय, जहाँ हर मौसम ओ मन बर एक मुसीबत बनके आवय। बरसात मा छत ले पानी चुहना, गरमी मा भारी तपन अऊ जाड़ मा ठिठुरन, ये सब के बीच ओ मन के जिनगी भारी मुसकिल मा कटत रहिस। पइसा के कमी के सेती खुद के पक्का मकान बनाना ओ मन बर एक सपना जइसन रहिस।
अइसने मा बछर 2024-25 मा ओ मन ला प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ले पक्का घर के मंजूरी मिलिस अऊ 1 लाख 20 हजार रुपया के मदद राशि दी गईस। साय सरकार के ये योजना ह ओ मन के जिनगी के रद्दा ला बदल दीस। सरकार ले मिले मदद अऊ अपन थोक-बहुत बचत ला जोड़ के ओ मन घर बनाए के काम सुरू करिन। गाँव के मिस्तरी अऊ मजदूर के साथ मिलके कुछेक महीना मा एक मजबूत पक्का घर तइयार हो गे। अब ओ मन के परिवार हर मौसम मा सुरक्षित अऊ मान-सम्मान के साथ रहत हें। जमुना अऊ लालती ह गरब ले कहिथें कि ये घर ह ओ मन के सपना के पूरा होय जइसन आय, जेखर ले ओ मन मा नवा भरोसा जागे हवय।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगुवाई मा राज्य सरकार के योजना आखिरी मनखे तक पहुँचत हवय अऊ गाँव के जिनगी ला अउ बेहतर बनावत हवय। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) न सिरिफ़ छत देवत हे, बल्कि मनखे मन के जिनगी मा सुख-सांति अऊ सम्मान घलो तय करत हे। जमुना अऊ लालती के कहानी ह ये बात के परमान आय कि जब सरकार के योजना सही तरीका ले लागू होथे, त ओ ह जरूरतमंद के जिनगी मा असली बदलाव ला सकथे।