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एक्सक्लूजिव

छत्तीसगढ़ के बरनवापारा अभयारण्य बनिस लुप्त होवत करिया हिरण मन के पुनर्जीवन के बढ़िया उदाहरण

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April 26, 2026 3 Mins Read
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एकर जुन्ना ठउर ले लुप्त होय के बाद अब 200 तक पहुँचिस करिया हिरण के संख्या: ‘मन की बात’ मा मिलिस बड़े पहिचान

रायपुर. ये छत्तीसगढ़ बर बड़े गरब के बात आय कि परधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ह अपन लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के आज के प्रसारण मा छत्तीसगढ़ मा करिया हिरण (ब्लैकबक) के बचाव बर करे जावत कोसिस के बखान करिन अउ एकर सराहना घलो करिन। एखर से न केवल छत्तीसगढ़ के पहिचान अउ मजबूत होय हे, बल्कि अगास (जमीनी) स्तर मा काम करइया मनखे मन के मनोबल घलो बढ़िस हे। ए बखान ले राज्य के पर्यावरण बर करे जावत काम ह पूरा देस मा आघू आइस हे अउ बरनवापारा अभयारण्य ला नवा पहिचान मिलिस हे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह राजधानी रायपुर के भाटागाँव मा स्थित विनायक सिटी मा ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वां कड़ी ला सुने के बाद ए बात ला कहिन।

बता दन कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मा स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर मा फइले बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज जीव-जंतु मन के संरक्षण बर एक बड़े सफलता के रूप मा आघू आय हे।

एक बखत अइसन रहिस जब ये अभयारण्य अपन खास जीव—करिया हिरण—ले लगभग खाली होगे रहिस। पर अब ये इलाका करीब 200 करिया हिरण (ब्लैकबक) मन के सुरक्षित ठिकाना बनगे हे। ये कामयाबी योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक देख-रेख अउ लगातार निगरानी के फल आय।

बरनवापारा के खुला घास के मैदान मा करिया हिरण मन के उछल-कूद ए बात के गवाह हे कि लंबा बखत के बाद घलो कोनो जीव ला ओकर प्राकृतिक घर मा फिर ले बसाय जा सकत हे। जे ठउर कभू सुन्ना होगे रहिस, आज ओहा नवा जिनगी के एक मजबूत कहानी सुनावत हे।

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छत्तीसगढ़ मा ए मुकाम तक पहुँचे के रस्ता लंबा अउ चुनौती भरे रहिस। 1970 के दशक के बाद जंगल मा मनखे मन के कब्जा अउ रहवास उजड़े के सेती करिया हिरण ए क्षेत्र ले लगभग नंदा गे रहिन अउ करीब पाँच दशक तक इहाँ स्थानीय रूप ले विलुप्त रहिन।

अप्रैल 2018 मा होय राज्य वन्यजीव बोर्ड के नवमीं बैठक मा ‘पुनर्स्थापन योजना’ ला मंजूरी मिले के बाद परिस्थिति बदलिस। एकर बाद एक बढ़िया योजना बनाके करिया हिरण मन ला फिर ले बसाए के काम सुरू करे गिस। एही मेहनत के नतीजा आय कि आज ओमन के संख्या बढ़के करीब 200 तक पहुँच गे हे, अउ ए सफलता के बखान इतवार के दिन प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ह अपन ‘मन की बात’ कार्यक्रम मा घलो करिन।

बचाव के सुरू के दिन मा कतकोन मुस्किल आघू आइन। वन विभाग के अधिकारी मन के मुताबिक, निमोनिया के सेती लगभग आठ करिया हिरण मन मर गे रहिन, जेकर बाद देख-रेख के तरीका मा सुधार करे गिस। घेरा (बाड़ा) के जमीन ला मजबूत करे बर रेती बिछाय गिस, पानी जमा झन होवय एखर बर निकासी के बढ़िया बेवस्था करीन, कचरा के निपटारा ला सुधारिन अउ एक ठन खास जानवर मन के डाक्टर (पशु चिकित्सक) के नियुक्ति घलो करे गिस।

एकर लगातार कोसिस के नतीजा रहिस कि करिया हिरण मन के आबादी पहिली थिर (स्थिर) होइस अउ ओकर बाद धीरे-धीरे बढ़े लगिस। बढ़िया खान-पान, रोज के देख-रेख अउ बढ़िया माहौल के सेती आज ओमन के संख्या करीब 200 तक पहुँच गे हे। ये बात ह ए डहर इसारा करथे कि ओमन अपन नवा ठउर मा बढ़िया ढंग ले ढल चुके हें अउ आघू चलके ओमन ला खुला जंगल मा छोड़े बर एक मजबूत आधार तैयार होगे हे।

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करिया हिरण (ब्लैकबक) के बारे मा:

करिया हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप मा पाय जाइया एक संकटग्रस्त हिरण आय। नर करिया हिरण के रंग गहरा भूरा ले करिया होथे, ओकर लंबा-लंबा अउ गोल-गोल (सर्पिलाकार) सींग होथे अउ पेट डहर के हिस्सा सफेद होथे। मादा करिया हिरण ह हल्का भूरा रंग के होथे अउ ओकर सींग नई होवय।

ये जीव मन खुला घास के मैदान मा पाय जाथें अउ दिन के बखत सक्रिय रहिथें। एकर मुख्य भोजन घास अउ छोटे-छोटे पौधा मन आय। ओमन के ऊँचाई लगभग 74 ले 84 सेंटीमीटर तक होथे। नर के वजन 20 ले 57 किलो के बीच अउ मादा मन के वजन 20 ले 33 किलो तक होथे। नर करिया हिरण के गोल-गोल घूमे सींग , जेहा लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबा हो सकथे, ओकर से ओमन ला असानी ले पहिचाने जा सकथे।

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Barnawapara SanctuaryChhattisgarhCM SAIkariya deermann ki baatPM Narednra modistate news

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