विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल
रायपुर, छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुका है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल कारखाने स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, अत्याधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के ज़रिए छत्तीसगढ़ को पूरी तरह आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में राज्य ने उद्योगों के लिए एक पारदर्शी, सुरक्षित और निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार किया है।
प्रमुख उपलब्धियां: एक नज़र में
- 8.22 लाख करोड़ रुपये के कुल 264 निवेश प्रस्ताव प्राप्त (1.72 लाख से अधिक संभावित रोजगार)।
- 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित, जिनसे 50,807 लोगों को मिला प्रत्यक्ष रोजगार।
- 235 करोड़ का टेक्सटाइल पार्क: नवा रायपुर में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स द्वारा गारमेंट यूनिट (4,650 लोगों को रोजगार)।
- नई औद्योगिक नीति 2024-30: विनिर्माण क्षेत्र को 100% और सेवा क्षेत्र को 150% तक वित्तीय प्रोत्साहन।
- देश का पहला AI डेटा सेंटर SEZ: नवा रायपुर में AI, सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर में बड़ा निवेश।
टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र में नई पहचान
25 जून 2026 को नवा रायपुर के 81 एकड़ में फैले आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया गया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहाँ 235 करोड़ रुपये के निवेश से रेडीमेड गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इससे राज्य में कपड़ा और परिधान उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ और AI आधारित शासन
निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहद सरल बनाया है:
- एआई ‘वाणी’ प्रणाली: निवेशकों की सहायता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सिंगल-विंडो सिस्टम, जिसमें 150 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं।
- प्रशासनिक सुधार: 500 से अधिक नियमों का सरलीकरण।
- नया इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में फार्मा व आईटी पार्क का काम तेज़ी से जारी है।
‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनेंगे राज्य के युवा
विज़न 2047 के तहत सरकार का मुख्य ध्यान केवल बड़े उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में भी औद्योगिक विस्तार पर है। सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने के लिए स्टार्टअप, नवाचार, कौशल विकास और एमएसएमई (MSME) प्रोत्साहन योजनाओं को तेज़ी से धरातल पर उतार रही है।
“छत्तीसगढ़ अब केवल खनिजों का राज्य नहीं, बल्कि हाई-टेक विनिर्माण, डेटा सेंटर और गारमेंट हब के रूप में देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो रहा है।”