चिन्हारी योजना ले मजबूत होवत हे छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति
लोक कलाकार मन ला मिलत हे नवा पहिचान, परंपरा ला सहेजे बर मिलत हे बढ़ावा
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार के संस्कृति विभाग कोति ले चलाय जावत ‘चिन्हारी योजना’ ह राज्य के समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपरा अऊ कलाकार ला नवा पहिचान दे के एक बड़े जरिया बनत जावत हे। ए योजना के मदद ले न केवल हमर पुरखा के कला सुरक्षित होवत हे, बल्कि कलाकार मन ला आर्थिक अऊ सामाजिक रूप ले घलो मजबूती मिलत हे।
चिन्हारी योजना के तहत परदेस के अलग-अलग जिला म लोक कलाकार, शिल्पकार, गायक अऊ नर्तक (नाचइया) मन के पहिचान करके ओमन के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) करे जावत हे। एकर ले एक बड़े सांस्कृतिक डेटाबेस तैयार होवत हे, जेहा आगू चल के कला ला सहेजे अऊ ओला बढ़ावा दे म बड़ मददगार साबित होही।
योजना के तहत चुने गे कलाकार ला आर्थिक मदद (सहायता) दिय जाथे, अऊ ओमन ला राज्य, देश अऊ विदेश के बड़े-बड़े मंच म अपन कला देखाए के मौका घलो मिलत हे। एकर संग-संग, मेला, तिहार अऊ सरकारी कार्यक्रम म ए कलाकार मन के भागीदारी तय करे जाथे, जेकर ले ओमन ला दूर-दूर तक नवा पहिचान मिलत हे।
नवा पीढ़ी ला हमर लोक संस्कृति ले जोड़े बर प्रशिक्षण सिविर (ट्रेनिंग कैंप) लगाना ए योजना के एक बड़े हिस्सा आय। गुरु-शिष्य परंपरा ला आगू बढ़ावत हुए, मंझे हुए कलाकार मन के देख-रेख म जुवान मन ला हमर पुरखा के पारंपरिक कला सिखाय जावत हे।
चिन्हारी योजना के एक अऊ खास बात ये हे कि जउन लोक परंपरा धीरे-धीरे सिरावत (विलुप्त) जात हें, ओमन ला सहेजना अऊ नवा जीवन देना हे। ए योजना म लोक नाच, लोक गीत अऊ पारंपरिक हाथ के कारीगरी (शिल्प) ला सुरक्षित करके ओला नवा ताकत दिय जावत हे। एकर संग-संग, डिजिटल माध्यम (इंटरनेट अऊ सोशल मीडिया) के जरिया ए कला के परचार-पसार घलो करे जावत हे।
ए योजना के जरिया छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक पहिचान ला देश अऊ बिदेस (राष्ट्रीय अऊ अंतरराष्ट्रीय) स्तर म स्थापित करे बर बड़े कदम उठाए जावत हे। एकर संग-संग, हमर गाँव-घर के स्थानीय कला ला पर्यटन ले जोड़ के रोजगार के नवा मौका घलो बनाय जावत हे। चिन्हारी योजना छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत ला सहेजे अऊ कलाकार ला मजबूत बनाय के दिसा म बड़ असरदार साबित होवत हे।