मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के नवा रूप ‘सेवा सेतु’ के करिन सुभारंभ
- ‘सेवा सेतु’ ले सुशासन अउ पारदर्शिता ला मिलही नवा मजबूती – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- आधुनिक तकनीक अउ AI ले मजबूत होइस सुशासन: ‘सेवा सेतु’ ले 441 सुबिधा एक ही प्लेटफॉर्म मां
- अब सरकारी सुबिधा मनखे मन के हाथ मां: ‘सेवा सेतु’ ले घर बइठे मिलही 441 सरकारी काम-काज के सुबिधा
- ग्राम पंचायत तक पहुंचही नागरिक सुबिधा के डिजिटल सेवा
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह आज नवा रायपुर के मंत्रालय (महानदी भवन) मां छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) डाहर ले आम जनता बर असरदार, पारदर्शी अउ डिजिटल सुबिधा ला आसानी ले पहुंचाय बर ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ के तहत ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के नवा अउ आधुनिक रूप ‘सेवा सेतु’ के लोकार्पण करिन। ए मौका मां उपमुख्यमंत्री अरुण साव अउ विजय शर्मा के संग मंत्रिमंडल के जतका घलो मंत्री मन हें, ओमन उपस्थित रहिन।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि आधुनिक तकनीक अउ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग ले डिजिटल नागरिक सेवा अऊ जादा मजबूत अउ असरदार होही। बछर 2003 मां सुरू होय ‘चॉइस’ (CHOICE) मॉडल ले लेके बछर 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट अउ अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ह डिजिटल प्रशासन के छेत्तर मां एक लंबी अउ बड़े यात्रा तय करे हे। ए प्लेटफॉर्म ह अब मनखे मन ला ताकतवर बनाय के एक बड़े माध्यम बन चुके हे, जेखर ले लाखों लोगन मन ला फायदा मिलही।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि ‘सेवा सेतु’ के जरिया अब एक ही पोर्टल मां 441 सरकारी सुबिधा मन मिलही, जेमां 54 नवा सेवा अउ 329 री-डायरेक्ट सेवा सामिल हें। ओमन कहिन कि अब व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिया घलो सुबिधा के जानकारी बड़ आसानी ले मिल जाही। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड अउ बिहाव पंजीयन जइसन बड़े परमान-पत्र ला मिला के अब तक 3.2 करोड़ ले जादा ट्रांजेक्शन करे जा चुके हे अउ ओतके परमान-पत्र जारी घलो हो चुके हें। 30 ले जादा विभाग ला एक संग जोड़े के सेती ए प्लेटफॉर्म ह अब एक मजबूत “वन स्टॉप सॉल्यूशन” बन गे हे। ओमन बिसवास जताइन कि ‘सेवा सेतु’ ले राज्य मां सुशासन, पारदर्शिता अउ मनखे मन के काम-काज मां नवा मजबूती आही।

ए बात बताय लायक हे कि ए योजना ला राज्य स्तर मां चिप्स (CHiPS) ह चलावत हे, अउ जिला स्तर मां कलेक्टर के देख-रेख मां डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) एला बढ़िया ढंग ले लागू करत हे। नवा सिस्टम मां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्हाट्सएप अउ ‘भाषिणी’ जइसन आधुनिक तकनीक के उपयोग करे गे हे, जेखर ले मनखे मन व्हाट्सएप ले ही आवेदन कर सकहीं, अपन काम के हाल जान सकहीं अउ डिजिटल परमान-पत्र घलो पा सकहीं। संग मां आधार ई-केवाईसी, डिजी लॉकर अउ उमंग जइसन प्लेटफॉर्म ले जोड़े के सेती अब सरकारी काम-काज अऊ सरल, सुरक्षित अउ सुलभ हो गे हे।
‘सेवा सेतु’ मां खजाना (ट्रेजरी) अउ ई-चालान ला घलो जोड़ दे गे हे, जेखर ले मनखे मन पोर्टल मां ही ऑनलाइन पइसा पटा के तुरते डिजिटल रसीद पा सकहीं। डीबीटी (DBT) के जरिया योजना के पइसा सीधा हितग्राही मन के बैंक खाता मां जाही, जेखर जानकारी (रीयल-टाइम ट्रैकिंग) एसएमएस अउ व्हाट्सएप ले मिल जाही। पोर्टल मां क्यूआर कोड ले परमान-पत्र के जाँच, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल दस्तखत (Digital Signature) अउ रीयल-टाइम डैशबोर्ड जइसन सुबिधा सामिल हें। ए पोर्टल ह 22 भारतीय भासा मां उपलब्ध हे, जेखर से भासा के कऊनो बाधा नई राही।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सुबिधा ला सही बखत मां पूरा करे बर ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन (देरी होय मां अपने-आप जुरमाना), समय-सीमा के संकेतक अउ अपने-आप सिकायत दर्ज करे के ब्यवस्था घलो लागू करे गे हे। एखर ले अधिकारी के जवाबदेही अउ काम मां पारदर्शिता अऊ मजबूत होही। राज्य मां ए सुबिधा ला जन-जन तक पहुंचाय बर 800 ले जादा लोक सेवा केंद्र, 1000 ले जादा चॉइस सेंटर अउ 15,000 ले जादा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) काम करत हें, जहां ले मनखे मन आसानी ले फायदा उठा सकथें।
‘सेवा सेतु’ मां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ला सामिल करके आवेदन के तरीका ला सरल अउ बिना कऊनो तकनीकी रुकावट के बनाय गे हे। एखर ले सरकार अउ जनता के बीच के दूरी कम होवत हे अउ सुबिधा मन सीधा मनखे मन के हाथ तक पहुंचत हें। व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिया अब नागरिक कतको सुबिधा बर आवेदन कर सकहीं, पावती रसीद अउ कागजात के लिंक तुरते पा सकहीं, अउ काम पूरा होय के बाद डिजिटल दस्तखत वाला परमान-पत्र सीधा अपन व्हाट्सएप मां पा सकहीं।
अभी ए सुबिधा 25 सेवा मन बर सुरू करे गे हे, जेला जल्दी ही सबो सुबिधा बर लागू करे जाही। हर एक परमान-पत्र मां क्यूआर (QR) कोड ले जाँच करे के सुबिधा हे, संग मां कैप्चा, ओटीपी (OTP) अउ ईमेल ले पहचान के ब्यवस्था सुरक्षा ला मजबूत बनाथे। मनखे मन के सही पहचान बर आधार ले जुड़े ई-केवाईसी (e-KYC) के सुबिधा सुरू करे गे हे, अउ सुरक्षित लॉगिन बर डिजिलॉकर अउ ई-प्रमाण जइसन सिस्टम ला जोड़े गे हे।
‘भाषिणी’ के मदद ले ए पोर्टल ह 22 भासा मां उपलब्ध कराए गे हे, जेखर ले हर नागरिक ह अपन खुद के भासा मां सुबिधा के लाभ ले सकही।
मनखे मन ‘सेवा सेतु’ के सुबिधा ला वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर ले पा सकथें अउ फीडबैक (सुझाव) दे के सुबिधा ले अपन बात कह सकथें, जेखर आधार मां ए योजना ला अऊ बेहतर बनाय जाही।
ए मौका मां मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स अउ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल के संग अऊ कतको अधिकारी उपस्थित रहिन।