धान खरीदी से पहले पूरी करें तैयारियां, किसानों को नहीं हो परेशानी
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा की, प्रदेश के 83.33 लाख राशन कार्डों से 2.74 करोड़ लोगों को मिल रही खाद्य सुरक्षा
रायपुर, छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी को लेकर खाद्य विभाग ने तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को पंजीयन और टोकन से लेकर धान बेचने तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में जरूरी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
विभागीय समीक्षा बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी, कस्टम मिलिंग, धान के उठाव, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्यान्न भंडारण एवं परिवहन की स्थिति पर चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रखने तथा केंद्रों में मौजूद कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए।
खरीदी केंद्रों में बारदाना, तौल और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
मंत्री ने कहा कि किसानों को खरीदी केंद्रों में अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। टोकन व्यवस्था सुचारु रखने के साथ प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। सभी केंद्रों में पर्याप्त बारदाने, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नए खरीदी केंद्रों में भी इलेक्ट्रॉनिक माप-तौल की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
धान खरीदी के साथ कस्टम मिलिंग और धान के उठाव में भी तेजी लाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में उठाव या मिलिंग से जुड़ी दिक्कतें सामने आ रही हैं, वहां स्थिति का आकलन कर समयबद्ध समाधान किया जाए। खरीदी, परिवहन और मिलिंग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
83.33 लाख राशन कार्डों से 2.74 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में 83.33 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं। इनके माध्यम से 2.74 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित 3.08 करोड़ आबादी के आधार पर राज्य में पीडीएस का कवरेज लगभग 89 प्रतिशत बताया गया।
मंत्री ने उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण करने और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न की आपूर्ति और वितरण में किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। चावल परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टरों द्वारा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न तौलकर सौंपने की व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
एनएफएसए के तहत 57.16 लाख राशन कार्ड
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत प्रदेश में 57.16 लाख राशन कार्ड हैं, जिनसे 198.16 लाख सदस्य जुड़े हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 26.17 लाख राशन कार्डों में 75.87 लाख सदस्य पंजीकृत हैं।
श्रेणीवार आंकड़ों में 15.80 लाख अंत्योदय, 58.65 लाख प्राथमिकता, 8.43 लाख सामान्य, 0.28 लाख निराश्रित और 0.17 लाख निःशक्तजन राशन कार्ड शामिल हैं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे। इसके लिए मैदानी स्तर पर निगरानी और विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस के संचालक आशीष टिकरीहा, माप-तौल विभाग के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।