उप मुख्यमंत्री श्री साव ह करिन ‘मावा मोदोल’ लाइब्रेरी चारामा के शुभारंभ
रायपुर. परदेस के उप मुख्यमंत्री अउ कांकेर जिला के प्रभारी मंत्री अरुण साव ह अइतवार के दिन कांकेर जिला के चारामा मा ‘मावा मोदोल’ लाइब्रेरी के लोकार्पण करिन। लोकार्पण के बाद ओमन लाइब्रेरी के मुआयना करिन अउ उहाँ पढ़इया लइका मन ले गोठ-बात (संवाद) करिन।
अपन विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करत ओमन कहिन कि— “मन लगा के पढ़ाई करो, सरकार जे सुविधा देवत हे ओकर लाभ उठाओ अउ सफल होके अपन देस-परदेस अउ इलाका के नाम रौसन करो। देस के प्रति हमेशा निष्ठावान रहो।” ओमन जम्मो विद्यार्थी मन ला ओकर उज्जवल भविस्स बर सुभकामना घलो दीन। कुल 43 लाख रूपया के लागत ले बने ए सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी मा एक संग 75 विद्यार्थी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी कर सकहीं। ए मउका मा छत्तीसगढ़ हस्तसिल्प बोर्ड के अध्यक्ष शालिनी राजपूत अउ जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी विशेष रूप ले उपस्थित रहिन।
लाइब्रेरी के सुरूवात के बेरा मा आयोजित कार्यक्रम ला संबोधित करत उप मुख्यमंत्री श्री साव ह कहिन कि— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व मा राज्य सरकार ह लगातार लइका मन के भविस्स ला सँवारे के काम करत हे। चाहे दिल्ली मा प्रतियोगी परीक्षा बर सुविधा देना हो, या परदेस मा लाइब्रेरी अउ नालंदा परिसर के स्थापना, विद्यार्थी मन ला जम्मो सुविधा दिए जात हे। कांकेर जिला मा घलो प्रशासन ह लइका मन बर बढ़िया सुविधा देवत हे, अउ ओही कड़ी मा आज चारामा मा ‘मावा मोदोल’ लाइब्रेरी सुरू होवत हे। पूरा इलाका के लइका मन इहाँ बढ़िया माहौल मा पढ़ाई करके अपन भविस्स बना सकत हें।
कार्यक्रम ला स्थानीय विधायक सावित्री मंडावी ह घलो संबोधित करिन। ओमन कहिन कि ए लाइब्रेरी के खुले ले इलाका के लइका मन ला बड़े लाभ मिलही। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ह बताइन कि जिला के जम्मो 11 तहसील मुख्यालय मा ‘मावा मोदोल’ लाइब्रेरी बनाय जाही, ताकि लइका मन पढ़-लिख के ऊँचा पद मा पहुँच सकें। कांकेर जिला के ए छठवाँ लाइब्रेरी आय, एकर ले पहिली कांकेर, भानुप्रतापपुर, कोरर, दुर्गूकोंदल अउ अंतागढ़ मा ‘मावा मोदोल’ निःशुल्क लाइब्रेरी चलत हे।
ए कार्यक्रम मा नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, नगर पंचायत चारामा के अध्यक्ष भुनेश्वर नाग, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद सहित बड़े संख्या मा गणमान्य नागरिक, शिक्षक अउ विद्यार्थी मन उपस्थित रहिन।