शिक्षा और सामाजिक एकता से ही होगा कंवर समाज का विकास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम, सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ से अधिक की सौगात
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री साय शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा, संगठन की मजबूती और अपने दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई। उन्होंने पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व केवल पद नहीं, बल्कि समाज की सेवा और उसे आगे बढ़ाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि कंवर समाज के पदाधिकारियों का निर्वाचन निर्विरोध एवं सर्वसम्मति से होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। यही एकजुटता समाज की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक और मजबूत बनाकर पहुंचाना होगा।
मुख्यमंत्री ने संत गहिरा गुरु सहित समाज के पुरोधाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का मार्ग दिखाया। नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज को इसी मार्ग पर आगे बढ़ते हुए सामूहिक प्रयास करना होगा।
शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा व्यक्ति को उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए सक्षम बनाती है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
जनजातीय विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,661 गांवों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन के तहत देशभर में बन रही लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों में से 2 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
बस्तर में विकास की रफ्तार तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक विकास से प्रभावित रहे बस्तर में अब विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है। सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य चुनौतीपूर्ण थे, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया। शांति और विश्वास के वातावरण के साथ बस्तर में युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी खुल रहे हैं।
सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया है।
उन्होंने बताया कि सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई और प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है।
प्राकृतिक संसाधनों से विकास को मिलेगी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे खनिज उपलब्ध हैं। बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
उन्होंने बताया कि किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
कंवर समाज के सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ से अधिक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि देने की घोषणा की।
घोषित राशि में रायपुर के लाभांडी स्थित नवनिर्माणाधीन कंवर भवन के विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना के लिए 70 लाख रुपए, राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपए, कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम खैरझिटी में आदिवासी कंवर (पैंकरा) समाज भवन के लिए 10 लाख रुपए शामिल हैं।
इसके अलावा महासमुंद जिले के पथरी परिक्षेत्र के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की गई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के नवनिर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया। समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
शिक्षा और संगठन को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज छत्तीसगढ़ की जनजातीय समाज व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने शिक्षा को समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार बताते हुए बच्चों को शिक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता जताई।
कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन कंवर भवन भविष्य में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, महासचिव शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष सविता साय, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर, आर.के. साय, भीम सिंह कंवर सहित समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।