Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
bhuteswar
खबर छत्तीसगढ़

महाशिवरात्रि विशेष: राजिम के भूतेश्वरनाथ महादेव दर्शन को उमड़ रहे श्रद्धालु, शिवभक्ति की बह रही धारा

Editor Editor
February 13, 2026 2 Mins Read
22 Views
0 Comments

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ का पवित्र तीर्थ राजिम, जिसे प्रदेश का प्रयाग कहा जाता है, इन दिनों कुंभ कल्प मेले के दौरान आस्था का केंद्र बना हुआ है। वैसे तो राजिम को शिवालयों की नगरी भी कहा जाता है। यहां संगम तट पर स्थित कुलेश्वरनाथ, राजराजेश्वर, दानेश्वर, पंचेश्वरनाथ, गरीबनाथ, सोमेश्वरनाथ, बटुकेश्वरनाथ और भुवनेश्वरनाथ जैसे अनेक प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। हरी और हर की इस पावन नगरी में शिवभक्ति की धारा निरंतर बह रही है। राजीव लोचन मंदिर के सामने और पूर्व महोत्सव मंच के दाईं ओर स्थित प्राचीन भूतेश्वरनाथ महादेव का मंदिर स्थित है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को राजिम का सबसे ऊंचा शिवलिंग माना जाता है, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। 

भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर को कल्चुरी काल का प्राचीन मंदिर माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इसका निर्माण लगभग 14वीं शताब्दी में हुआ था। मंदिर ईंट और पत्थरों से बना है और इसकी बनावट चौकोर आकार में है। मंदिर की मजबूत नींव और सुंदर शिल्पकारी लोगों को आकर्षित करती है। मंदिर के अंदर तीन मुख्य भाग हैं महामंडप, अंतराल और गर्भगृह। महामंडप में छह पत्थर के स्तंभ हैं, जो नीचे चौकोर और ऊपर गोल आकार में बने हैं। मंदिर पूर्व दिशा की ओर मुख किए हुए है। गर्भगृह में काले पत्थर से बना भूतेश्वरनाथ महादेव का शिवलिंग स्थापित है, जिसकी ऊंचाई तीन फीट से अधिक है। इसीलिए इसे राजिम का सबसे ऊंचा शिवलिंग कहा जाता है। 

मंदिर की दीवारों पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश सहित अन्य देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां उकेरी गई हैं। दक्षिण दिशा में गंगा मैया और उत्तर दिशा में मां दुर्गा की प्रतिमाएं अंकित हैं। मान्यता है कि भूतेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और आत्मिक शांति मिलती है। कुंभ कल्प मेले के दौरान भगवान कुलेश्वर महादेव, भगवान राजीवलोचन के साथ-साथ यहां भी श्रद्धालु दर्शन लाभ ले रहे है।

Share Article

Other Articles

bramhni
Previous

धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

ramcharan
Next

 खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

Next
ramcharan
February 13, 2026

 खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

Previous
February 13, 2026

धान से ब्राम्ही तक : कम लागत में अधिक लाभ की ओर अग्रसर किसान

bramhni

Related Posts

raman ji 1

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : ब्रेल पुस्तकें और 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स: दिव्यांग महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रेरक पहल

Editor Editor
March 6, 2026
rekha 1

मजबूत इरादों और सरकारी योजनाओं के सहयोग से सपना हुआ साकार-चित्ररेखा

Editor Editor
March 5, 2026
rani 1

वंचित परिवार के कष्ट भरे जीवन में सपनों की हकीकत बनकर आया प्रधानमंत्री आवास

Editor Editor
March 5, 2026
ratna 1

बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य- फूलों की खेती से बनीं सफल उद्यमी

Editor Editor
March 5, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार