मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का उल्लास, बहनों ने CM विष्णुदेव साय को बांधी राखी
मुख्यमंत्री बोले- बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल, महिला सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
रायपुर, राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि उनका स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अनमोल है और यही आशीर्वाद प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पावन पर्व है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।
उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से बहनों का मुख्यमंत्री निवास आकर रक्षाबंधन मनाना उनके लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए निरंतर काम करने की शक्ति देता है।
कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी ने बांधी राखी
रक्षाबंधन समारोह के दौरान स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष भावनात्मक अनुभव है।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
जवानों की कलाई पर सजी राखी, सुरक्षा बलों के प्रति जताया सम्मान
मुख्यमंत्री साय ने राजधानी में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन को देश और प्रदेश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता से जोड़ना बेहद सुखद अनुभव रहा।
उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।
महिला पत्रकारों के साहस और समर्पण की सराहना
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। महिला पत्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया की घटनाओं से अवगत करा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की दीदियां, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, सेटरिंग प्लेट दीदियां और मितानिन दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से स्थानीय नेतृत्व में उनकी भूमिका और मजबूत हुई है। अनेक महिला सरपंच अपने नेतृत्व और नवाचार के माध्यम से गांवों के विकास को नई दिशा दे रही हैं।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व प्रदेश की माताएं-बहनें उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसके लिए निर्धारित समय से पहले ही 25 अगस्त को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना सिर्फ आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
लक्ष्य से आगे छत्तीसगढ़, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान चलाया जा रहा है। देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने इस लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण बताया।
ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक से बढ़ा रहीं आय
मुख्यमंत्री साय ने ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक और दवा का छिड़काव कर महिलाएं स्वरोजगार का नया रास्ता तैयार कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ छिड़काव से लगभग 300 रुपये की आय होती है और 20 से 25 एकड़ में काम करके ड्रोन दीदियां प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।
ई-रिक्शा और सेटरिंग प्लेट से महिलाओं को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाने की दिशा में काम कर रही है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं पारंपरिक आजीविका के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में बड़े पैमाने पर आवास निर्माण हो रहा है और प्रतिदिन करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों के निर्माण में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं।
नवा रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर प्रवास के दौरान रक्षाबंधन के अवसर पर उनके गांव बगिया में 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।
महिला उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से इतना सक्षम बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार प्रदान करें। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में नियमित राशि आने से उनकी आर्थिक विश्वसनीयता मजबूत हुई है और बैंक भी उन्हें व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने में आगे आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने महिलाओं से औद्योगिक नीति में उपलब्ध प्रावधानों का लाभ उठाकर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में विकास की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हो रही है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि विकास की मुख्यधारा से दूर रहे क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक एवं खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वरा भूमि और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। प्रदेशवासियों की सरलता, सहजता और आत्मीयता ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ की अलग पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपनी प्रतिभा एवं सामर्थ्य के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त करें।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की शक्ति है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।