Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
WhatsApp Image 2026 06 26 at 8.43.40 PM
खबर छत्तीसगढ़

विशेष लेख :‘नीली क्रांति’ से समृद्धि की ओर: मछली पालन बना ग्रामीण विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया आधार

Editor Editor
June 26, 2026 3 Mins Read
31 Views
0 Comments
  • सरकारी योजनाओं से मिल रहा संबल, मत्स्य पालन से खुल रहे आय और स्वरोजगार के नए द्वार
  • धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क, रायपुर

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ सहायक व्यवसायों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इन्हीं में मछली पालन आज केवल भोजन का स्रोत नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन गया है। कम लागत, कम समय में बेहतर उत्पादन और बाजार में बढ़ती मांग के कारण यह व्यवसाय गांवों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

मत्स्य पालन जैसे आयवर्धक व्यवसायों को अपनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी किसानों से आह्वान किया है कि वे खेती को केवल धान तक सीमित न रखें। दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे आयवर्धक व्यवसायों को अपनाएं। इसी सोच के अनुरूप भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं, जिससे किसानों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती

ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन सीमित भूमि और कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है। तालाब, जलाशय, नहर और अन्य जल स्रोतों का उपयोग कर किसान अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। बढ़ती आबादी और पौष्टिक भोजन की मांग से मछली की खपत लगातार बढ़ रही है। प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर मछली स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

मत्स्य पालन में रोजगार के बड़े अवसर

मत्स्य पालन न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाता है, बल्कि मत्स्य बीज उत्पादन, आहार निर्माण, परिवहन, प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के बड़े अवसर देता है।

राज्य पोषित योजनाओं से बढ़ रही संभावनाएं, शिक्षण एवं प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता दे रही है। आधुनिक तकनीकों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण में तालाब प्रबंधन, मत्स्य बीज उत्पादन, रोग नियंत्रण और विपणन की जानकारी दी जाती है। तकनीकी उन्नयन के लिए विशेष प्रशिक्षण भी होते हैं।

मत्स्य पालकों को राज्य के बाहर अध्ययन भ्रमण

प्रगतिशील मत्स्य पालकों को राज्य के बाहर सफल मॉडल देखने भेजा जाता है, ताकि वे नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हों।

सहकारी समितियों को अनुदान:

उत्पादन और विपणन व्यवस्था मजबूत करने के लिए मत्स्य सहकारी समितियों को आर्थिक मदद दी जाती है।

नाव-जाल सहायता:

अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को नाव-जाल देकर पारंपरिक मछली पकड़ने को बढ़ावा दिया जा रहा है।

फुटकर विक्रेताओं को मदद:

आइस बॉक्स, तराजू जैसे उपकरण देकर छोटे मछुआरों को बेहतर बाजार और लाभ दिलाया जा रहा है।

स्पॉन संवर्धन व झींगा पालन:

अनुसूचित जाति- जनजाति वर्ग को स्पॉन संवर्धन और झींगा सह मछली पालन के लिए विशेष सहायता मिल रही है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना दे रही नई उड़ान

    केंद्र-राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से चल रही इस योजना का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, रोजगार सृजन और मछुआरों की आय बढ़ाना है।

आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहन:

मत्स्य बीज उत्पादन बढ़ाने और नए तालाब निर्माण के लिए आकर्षक अनुदान दिया जा रहा है। बेहतर वृद्धि के लिए संतुलित आहार, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सजावटी मछली व केज कल्चर:

मत्स्य पालन के क्षेत्र में सजावटी मछली पालन इकाइयों और जलाशयों में केज कल्चर से स्वरोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।

विपणन को मजबूती:

मत्स्य पालकों को शीत संयंत्र, प्रशीतित वाहन, आइस बॉक्स युक्त मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा और लाइव फिश सेंटर से मछलियों की गुणवत्ता बनाए रखकर बेहतर विपणन सुनिश्चित हो रहा है।

मछुआरों के लिए सामाजिक सुरक्षा का कवच
बचत सह राहत योजना:

मछली पकड़ने की बंद (15 जून से 15 अगस्त तक) अवधि में आर्थिक मदद के लिए केंद्र-राज्य के सहयोग से यह योजना चल रही है।

निःशुल्क समूह बीमा योजना:

मत्स्य पालकों के दुर्घटना, मृत्यु या अपंगता की स्थिति में मछुआरों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा मिलती है।

आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर कदम

मछली पालन आज ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का अहम माध्यम बन गया है। सरकार की योजनाएं किसानों, युवाओं, महिलाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को स्वरोजगार के नए अवसर दे रही हैं। आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण से मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं।

मत्स्य पालन आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम

इच्छुक हितग्राही अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। मछली पालन न सिर्फ आय बढ़ाने का जरिया है, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

Tags:

Chhattisgarhchhattisgarh newsEmploymentFish farmingraipur newsRural Developmentspecial articlestate news‘Blue Revolution

Share Article

Other Articles

WhatsApp Image 2026 06 26 at 6.26.31 PM
Previous

147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

WhatsApp Image 2026 06 26 at 8.09.44 PM
Next

नशा मुक्त भारत अभियान को मिला जनसहभागिता का संबल

Next
WhatsApp Image 2026 06 26 at 8.09.44 PM
June 26, 2026

नशा मुक्त भारत अभियान को मिला जनसहभागिता का संबल

Previous
June 26, 2026

147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

WhatsApp Image 2026 06 26 at 6.26.31 PM

Related Posts

op chaudhri 2

युवा अपने हौसलों को मजबूत करें और लक्ष्य हासिल करने निरंतर प्रयास करें : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

Editor Editor
August 13, 2026
op chaudhri 1

करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी हुए शामिल

Editor Editor
August 13, 2026
tiranga yatra 1 1

शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के रंग में रंगा शहर अम्बिकापुर

Editor Editor
August 13, 2026
rajesah agrawal 1

केदमा में तिरंगे की शान के साथ विकास की नई सौगातें

Editor Editor
August 13, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार