कटे होंठ ले टूटे हिम्मत तक… एक ऑपरेशन अउ बदल गे जिनगी
सुकमा के बेटी लावण्या ला मिलीस नवा मुस्कान, मुख्यमंत्री ह दीन असीस
रायपुर. कहिथे कि सही बखत मा मिले इलाज ह कोनो के पूरा जिनगी ला बदल सकथे। सुकमा जिला के 13 बछर के लइका टुंकी लावण्या के कहानी ए गोठ के जीता-जागता उदाहरण आय, जउन ह कठिन परिस्थिति अउ बछर मन के पीरा के बाद आखिर मा एक नवा मुस्कान अउ नवा बिसवास पाइस हे।
लावण्या, जउन ह कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) के रहइया आय, जनम ले ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जइसे गंभीर समस्या ले जूझत रिहिस। ए बीमारी ह सिरिफ सरीर के दरद तक सीमित नइ रिहिस, बल्कि ओकर लइकापन मा लोक-लाज अउ बिसवास के कमी के घलो गहरा असर डारत रिहिस। परिवार मा जानकारी के कमी अउ इलाज ला लेके डर के सेती अड़बड़ दिन तक ओकर उपचार नइ हो पाइस। फेर किसमत ह तब पलटी खाइस जब लावण्या ह ‘मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर’ मा पहुँची। शिविर मा ओकर भेंट कलेक्टर अमित कुमार अउ एसपी किरण चव्हाण ले होइस। ओमन लावण्या ला स्वास्थ्य शिविर मा जाँच करवाके बढ़िया इलाज के बेवस्था करिन।
स्वास्थ्य शिविर बनिस जिनगी बदले के मोड़
शिविर मा मौजूद स्वास्थ्य विभाग के टीम ह न केवल लावण्या के जाँच करिस, बल्कि ओकर परिवार ला समझा-बुझाके इलाज बर तैयार करिस। एही शिविर मा ओकर आयुष्मान कार्ड बनाय गिस अउ जिला अस्पताल रेफर करे गिस। एखर बाद बढ़िया इलाज बर लावण्या ला कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजे गिस। ए दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ह ओला सुरक्षित अस्पताल तक पहुँचाय के जिम्मेदारी निभाईस।
10 अप्रैल 2026: जब दरद के जगह उम्मिद ह ले लीस
जम्मो नियम अउ तालमेल के बाद आखिर मा 10 अप्रैल 2026 के लावण्या के सफल ऑपरेशन करे गिस। ए ह सिरिफ एक डॉक्टरी इलाज नोहे रिहिस, बल्कि ओकर जिनगी के अंधियार मा उम्मिद के एक नवा जोत रिहिस। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरा मा लहुटे मुस्कान ला देख के परिवार के आँखि मा खुसी के आँसू ढरक गे। बछर मन के दरद अउ मनखे मन के ताना-बाना जइसे ओही दिन खतम होगे।
मुख्यमंत्री ह करिन मुलाकात, दीन असीस
ए कहानी के सबले भावुक पल तब आइस जब 13 अप्रैल 2026 के सुकमा दउरा के बखत माननीय मुख्यमंत्री अउ स्वास्थ्य मंत्री ह लावण्या ले मुलाकात करिन। ओमन लावण्या के सेहत के हाल-चाल पूछिन, ओला फल भेंट करिन अउ ओकर सुग्घर आघू के जिनगी बर असीस दीन।
सरकारी योजना मन के सफलता के मिसाल बनिस लावण्या
आज लावण्या के चेहरा मा लहुटे मुस्कान ह सिरिफ ओकर अकेले के जीत नोहे, बल्कि ए ह ए बात के परमान आय कि सरकारी योजना, स्वास्थ्य विभाग के मेहनत अउ सही बखत मा इलाज ह दूरिहा के जंगल अउ गांव मन मा घलो चमत्कार कर सकथे। लावण्या अब न केवल चंगा हे, बल्कि ओकर भीतर एक नवा जोस अउ बिसवास घलो लहुट आय हे। ओकर मुस्कान आज पूरा सुकमा बर एक प्रेरणा बन चुके हे।