सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाएं, सुमन की बेटी को घर बैठे मिले तीन प्रमाण पत्र
रायपुर, छत्तीसगढ़ में डिजिटल माध्यम से शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने की पहल से लोगों को राहत मिल रही है। जांजगीर-चांपा जिले की बलौदा तहसील निवासी सुमन की बेटी आयुषी को सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र आसानी से मिल गए। आवेदन करने के कुछ ही दिनों के भीतर तीनों प्रमाण पत्र तैयार हो गए और उनकी डिजिटल प्रतियां मोबाइल पर उपलब्ध हो गईं। इससे परिवार को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली।
सेवा सेतु केंद्र में किया आवेदन, जल्द मिले प्रमाण पत्र
सुमन अपनी बेटी आयुषी के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय बलौदा स्थित सेवा सेतु केंद्र पहुंचीं। वहां आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद आवेदन स्वीकार किया गया। उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। आवेदन के कुछ ही दिनों बाद तीनों प्रमाण पत्र तैयार हो गए और उनकी पीडीएफ प्रतियां सुमन के मोबाइल पर प्राप्त हो गईं। इसके बाद प्रमाण पत्रों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई।
मोबाइल पर डिजिटल प्रतियां मिलने से बचा समय
सुमन ने बताया कि पहले प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाना पड़ने और प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करने की चिंता रहती थी। लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन करने पर उन्हें अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। मोबाइल पर डिजिटल प्रतियां मिलने से समय की बचत हुई और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान रही।
सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया हुई अधिक सुविधाजनक
सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन करने और प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। डिजिटल माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध होने के कारण लोगों को समय पर जरूरी प्रमाण पत्र प्राप्त करने में मदद मिलती है। इससे सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के प्रयासों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सुमन ने जताया आभार, डिजिटल सेवाओं को बताया उपयोगी
बेटी के तीनों प्रमाण पत्र आसानी से और समय पर मिलने पर सुमन ने संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करना सुविधाजनक रहा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह कहानी बताती है कि डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाई जा सकती है।