राज्यपाल रमेन डेका ह जशपुर के मातृत्व वन म रोपीन सीता अशोक के पौधा”
रईपुर. राज्यपाल रमेन डेका ह जशपुर के सर्किट हाउस म बने ‘मातृत्व वन’ म ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सीता अशोक के पौधा रोपीन। एखर माध्यम ले ओमन मनखे मन ल पर्यावरण के बचाव अउ ओला बढ़ाय बर उत्साहित करीन।
ए मउका म कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार अउ वनमंडला अधिकारी शशि कुमार के संग अउ आन अधिकारी मन घलो उपस्थित रहिन।
लगभग 2 एकड़ इलाका म बगरे ये ‘मातृत्व वन’ म 400 ले जादा अलग-अलग किसम के पौधा मन ल लगाय गे हे, जउन ह पर्यावरण के सुरक्षा अउ समाज के भावना मन के एक अनूठा मेल के सुग्घर उदाहरण आय। मातृत्व वन म ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जिला के जनप्रतिनिधि मन ह अपन-अपन महतारी के नाम म पौधा रोपीन हें। ये पहल ह ये अभियान ल ममता अउ समाज ले जोड़ के एक खास महत्व प्रदान करे हे।”
राज्यपाल रमेन डेका ह ये बखत म कहिन कि— “महतारी ह हमर जिनगी के पहिली गुरु होथे अउ ओखर जगा सबले ऊपर हे। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम ले हमन दाई के प्रति सम्मान ल प्रकृति ले जोड़त हन। ये पहल ह आऊइया पीढ़ी मन ल पर्यावरण के बचाव बर जागरूक करे के संग-संग हमर सामाजिक संस्कार मन ल घलो मजबूत करही।”
ओमन आगू कहिन कि— “मातृत्व वन जइसन काम ह न केवल हरियाली ल बढ़ाय म मदद करही, बल्कि समाज म संवेदनशीलता अउ जिम्मेदारी के भाव घलो पैदा करही।”
“मातृत्व वन म पर्यावरण अउ दवाई (औषधीय) के नजरिया ले जरूरी पौधा मन ल चुन के लगाय गे हे। एमा मुख्य रूप ले टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन अउ जामुन जइसन किसम के पौधा मन सामिल हें। ये पौधा मन न केवल पर्यावरण के संतुलन ल बनाय म मदद करहीं, बल्कि आघू चल के दवाई अउ जीव-जंतु मन के सुरक्षा (जैव विविधता) म घलो बड़ भूमिका निभाहीं।”
“मातृत्व वन बनाए के असल मकसद पर्यावरण के बचाव बर मनखे मन ल जागरूक करना, महतारी मन के सम्मान ल प्रकृति के माध्यम ले जताना अउ नवा पीढ़ी म दया-माया अउ जिम्मेदारी के भाव जगाना हे। ये पहल ह ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ म मां की ममता’ के संदेस ल सच करे के डाहर एक बड़ अउ नीक कदम आय।”