Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
WhatsApp Image 2026 01 20 at 6.30.35 PM
नवा छत्तीसगढ़

उद्यानिकी खेती से बदली किसान की आर्थिक तस्वीर

www.jayjohar.com
www.jayjohar.com
January 20, 2026 3 Mins Read
24 Views
0 Comments

धान की तुलना में स्ट्रॉबेरी की खेती में डबल मुनाफा

तकनीकी मार्गदर्शन, शासन की सब्सिडी से घटा खर्च, बढ़ी आमदनी

रायपुर. जिले में शासन की उद्यानिकी प्रोत्साहन योजनाओं से किसान अब परंपरागत खेती की सीमाओं को तोड़कर नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहे हैं। अब किसान केवल धान पर निर्भर न रहकर अधिक लाभ देने वाली फसलों को अपना रहे हैं। किसान लाल बहादुर सिंह बताया कि ढाई एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती करने में लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई है। इससे उन्हें करीब 9 लाख रुपये की आमदनी होने का अनुमान है।

सरगुजा जिले के भगवानपुरखुर्द निवासी किसान लाल बहादुर सिंह ने भी इसी सोच के साथ खेती में नवाचार अपनाया और आज वे एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं उन्नत किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।

धान से उद्यानिकी की ओर किया सफल बदलाव

कृषक लाल बहादुर सिंह ने बताया कि वर्षों से धान की खेती करने के बाद भी अपेक्षाकृत सीमित लाभ ही मिल पाता था। लागत बढ़ने और मौसम पर निर्भरता के कारण मुनाफा कम हो जाता था। इसी बीच उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसल की जानकारी दी और इसके फायदे समझाए। इससे उन्हें अपनी खेती में बदलाव करने की प्रेरणा मिली।

छोटे क्षेत्र से शुरुआत, बड़े रकबे तक विस्तार

उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत उन्होंने मात्र 50 डिसमिल क्षेत्र से की थी। लाभ मिलने पर अगले वर्ष एक एकड़ में खेती की और फिर तीसरे व चौथे वर्ष इसे बढ़ाकर ढाई एकड़ तक कर दिया। वर्तमान में वे ढाई एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की सफल खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है।

स्ट्रॉबेरी की खेती में लागत कम अधिक मुनाफा

कृषक श्री सिंह ने बताया कि ढाई एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती करने में लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई है। इससे उन्हें करीब 9 लाख रुपये की आमदनी होने का अनुमान है। लागत निकालने के बाद लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि यही ढाई एकड़ यदि धान की खेती में लगाया जाता, तो लगभग 90 क्विंटल उत्पादन होता, जिससे शासकीय उपार्जन केन्द्र में बेचने पर करीब 3 लाख रुपये की आमदनी होती। धान की खेती में लगभग 1 लाख रुपये की लागत आने के बाद शुद्ध लाभ मात्र 2 लाख रुपये के आसपास ही रहता।

उद्यानिकी में सब्सिडी से घटा खर्च, बढ़ा लाभ

किसान श्री लाल बहादुर सिंह ने बताया कि उद्यानिकी विभाग की इस योजना के अंतर्गत पौध, खाद और बीज की राशि डीबीटी के माध्यम से वापस कर दी जाती है। उन्हें लगभग 80 से 85 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्राप्त होगी। विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाता है, जिससे खेती और अधिक सफल हो रही है।

अधिकारियों का मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी

लाल बहादुर सिंह ने बताया कि वे पौधे स्वयं मंगवाते हैं और उद्यानिकी विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार खेती करते हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा खेत का निरीक्षण कर आवश्यक सलाह दी जाती है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होता है और बाजार में अच्छी कीमत मिल जाती है।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने लाल बहादुर सिंह

श्री सिंह ने कहा कि शासन की उद्यानिकी योजना से अन्य किसान भी लाभ ले सकते हैं। धान जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं। आज वे स्वयं उद्यानिकी खेती से सशक्त और आत्मनिर्भर बने हैं तथा अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।

उद्यानिकी प्रोत्साहन के लिए शासन का जताया आभार

किसान लाल बहादुर सिंह ने उद्यानिकी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं से प्रदेश का किसान आज सशक्त, आत्मनिर्भर और उन्नत कृषक बन रहा है।

Tags:

Chhattisgarhchhattisgarh newsraipur newsstate news

Share Article

Other Articles

dhan2222222222
Previous

धान की खुशहाली से सजी खुशियाँ: किसान प्रेमचंद लहरे 9.61 लाख की धान बिक्री से करेंगे भतीजी का विवाह

new excise policy
Next

छत्तीसगढ़ में अब नई आबकारी नीति, केबिनेट की मंजूरी

Next
new excise policy
January 21, 2026

छत्तीसगढ़ में अब नई आबकारी नीति, केबिनेट की मंजूरी

Previous
January 20, 2026

धान की खुशहाली से सजी खुशियाँ: किसान प्रेमचंद लहरे 9.61 लाख की धान बिक्री से करेंगे भतीजी का विवाह

dhan2222222222

Related Posts

hhhhhg g

रोमांच और प्रकृति का संगम शिशुपाल पर्वत बना छत्तीसगढ़ का नया एडवेंचर हब

Editor Editor
February 18, 2026
bastardd

छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा

Editor Editor
February 17, 2026
chitrakot mahotsav

एशिया के नियाग्रा चित्रकोट में बिखरेगी बस्तर की सांस्कृतिक छटा

Editor Editor
February 17, 2026
sarguja vikas

सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

Editor Editor
February 17, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार