जापानी दल ने देखा सिरपुर का वैभव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने कराया हेरिटेज टूर
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी (मत्सुयामा) के 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के लिए सिरपुर में विशेष हेरिटेज टूर का आयोजन किया। एनआईटी रायपुर द्वारा 12 से 14 सितंबर 2026 तक होस्ट किए गए इस दल ने 14 सितंबर को प्राचीन नगरी सिरपुर का भ्रमण कर बौद्ध, हिंदू और जैन संस्कृति के अद्भुत समन्वय को करीब से देखा।
पर्यटन बोर्ड द्वारा जापानी मेहमानों के लिए विशेषज्ञ गाइड और विशेष खान-पान (हॉस्पिटैलिटी) का पूरा प्रबंध किया गया था। एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया ने टूरिज्म बोर्ड के इस सहयोग की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का बेहतर माध्यम बताया।
सिरपुर के प्रमुख पुरातात्विक आकर्षण:
- लक्ष्मण मंदिर: लगभग 7वीं शताब्दी का यह मंदिर भारत के उत्कृष्ट प्राचीन ईंट निर्मित मंदिरों में गिना जाता है। जापानी दल ने इसकी बारीक कारीगरी और वास्तुकला को सराहा।
- आनंद प्रभु कुटी विहार: 14 कक्षों वाले इस मठीय परिसर में बौद्ध शिक्षा और स्थापत्य कला का सुंदर रूप दिखा, जो बौद्ध दर्शन से जुड़े जापानी सदस्यों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
- स्वास्तिक विहार: अपने विशिष्ट स्वास्तिकाकार विन्यास और बुद्ध व पद्मपाणि की प्रतिमाओं के साथ यह प्राचीन वास्तु योजना का अनूठा उदाहरण है।
- तीवरदेव महाविहार: यहां बौद्ध प्रतिमाओं के साथ गंगा-यमुना और गजलक्ष्मी जैसे हिंदू शिल्प का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
सिरपुर में अब तक उत्खनन से 12 बौद्ध विहार, 1 जैन विहार और कई शिव व विष्णु मंदिरों के अवशेष सामने आए हैं। जापान के इस शोध दल के भ्रमण से सिरपुर को वैश्विक अकादमिक और पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।