कुर्मी क्षत्रिय समाज के रिहिस हे गौरवशाली इतिहास – उप मुख्यमंत्री शर्मा”
- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ह जामगांव(एम) के कुर्मी भवन म डोम शेड अउ मंच बनाए के घोषणा करीन।
- एखर संग ही तर्रा म सामाजिक भवन बर 12 लाख रुपिया दे के घलो बात कहिन।
- श्री शर्मा ह चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज दुर्ग राज के 56 वां वार्षिक अधिवेशन म सामिल होइन।
रईपुर. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ह आज दुर्ग जिला के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) म ‘चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज दुर्ग राज’ के 56 वां वार्षिक अधिवेशन म सामिल होइन। ए मउका म ओखर संग दुर्ग ग्रामीण के विधायक अउ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर घलो विशिष्ट अतिथि के रूप म मौजूद रहिन।
कार्यक्रम ल संबोधित करत उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ह कहिन कि— “चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के इतिहास गौरव ले भरे हे। छत्रपति शिवाजी महाराज अउ सरदार वल्लभ भाई पटेल जइसन ये समाज के पुरखा मन ह देश ल नवा रस्ता देखाय हें। समाज के संगठन ल मजबूत करे बर अइसे अधिवेशन होवत रहना चाहिए। आज मैं अपन आप ल कुर्मी समाज के बीच पाके गदगद हंव।”
अधिवेशन म महिला मन के बड़े संख्या म उपस्थिति देख के ओमन खुशी जताइन अउ कहिन कि— “महिला मन के हुनर ल जगा अउ सम्मान दे बर प्रधानमंत्री मोदी जी के मंशा के मुताबिक विधानसभा, लोकसभा अउ सबो जगा महिला मन बर 33 प्रतिशत आरक्षण तय करे बर आघू के 16, 17 अउ 18 तारीख के संसद के विशेष सत्र बुलाय जावत हे।”
ओमन बस्तर समेत छत्तीसगढ़ ल नक्सल मुक्त बनाए के श्रेय जवान मन ल दीिन अउ बस्तर म शांति बनाए बर सरकार के संकल्प के गोठ ल साझा करीन। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ह समाज के उन्नत किसान पूजा चंद्राकर, सफल व्यापारी श्री विनोद चंद्राकर अउ कलाकार पप्पू चंद्राकर ल साल अउ श्रीफल भेंट करके सम्मानित करीन। ओमन समाज के मांग म जामगांव (एम) के सामाजिक भवन म डोम शेड अउ मंच बनाए के संग ग्राम तर्रा म कुर्मी सामाजिक भवन बर 12 लाख रुपिया के घोषणा करीन।
कार्यक्रम म दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर ह कहिन कि— “समाज के विकास बर पढ़ाई अउ संगठन दूनों जरूरी हे। एकजूट हो के कोशिश करे ले हर काम सफल होथे। समाज ल जागरूक करे बर शिक्षा सबले बड़े माध्यम आय।” ओमन समाज के विकास बर दाई-बहिनी मन ल आघू आए के नेवता दीिन। ये कार्यक्रम म चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केन्द्रीय अउ परदेस स्तर के पदाधिकारी अउ भारी संख्या म समाज के लोगन उपस्थित रहिन।