नक्सलवाद के अंधियार छोड़ शर्मिला ह धरिस स्वावलंबन के सुई
दंतेवाड़ा म लिखत हें बदलाव के नवा कहानी
रायपुर. बस्तर संभाग के नक्सल मुक्त होय के घोसना के बाद अब हिंसा के रद्दा छोड़ के मुख्यधारा म लहुटेइया युवा मन के जिनगी म बढ़िया बदलाव दिखे बर धर ले हे। एकर सबले बड़े मिसाल बीजापुर के शर्मिला पोयामी बन के आगू आए हे, जेमन कभू हाथ म बंदूक धरे रिहिन, फेर आज ओमन लाइवलीहुड कॉलेज म सुई-धागा ले अपन अउ अपन परिवार के भविष्य के सपना बुनत हें।
हिंसा के रद्दा ले मुख्यधारा तक के सफर
बीजापुर जिला के भैरमगढ़ ब्लॉक के रहइया 19 बछर के शर्मिला कभू भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य रिहिस। गुरिल्ला युद्धअउ हथियार मन के ट्रेनिंग लेवइया शर्मिला ल जल्दी ये बात के अहसास हो गे कि तरक्की के रद्दा बंदूक ले नहीं, बल्कि सांति अउ शिक्षा ले निकलथे। एही संकलप के साथ ओमन 07 फरवरी 2026 के आत्मसमर्पण करिन अउ समाज के मुख्यधारा म सामिल होय के निरनय लीन।
कौशल विकास ले आत्मनिर्भरता के कोती
राज्य सासन के पुनर्वास नीति के तहत शर्मिला ल दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज म भरती कराए गिस। बीते 45 दिन ले ओमन इहां सिलाई के गहिर ट्रेनिंग लेवत हें। अब ओमन आधुनिक कपड़ा मन जैसे सूट अउ ब्लाउज सिले के बारीकी मन ल सीखत हें। ट्रेनिंग के बाद ओकर लक्ष्य अपन गाँव लहुट के सिलाई केंद्र खोलना अउ अपन 4 एकड़ पुरखौती जमीन म आधुनिक खेती (टमाटर, मुराई अउ भाजी-पाला) करके परिवार ल आर्थिक सहारा देना हे।
सुविधा मन ह बदल दीस नजरिया
शर्मिला ह बताइस कि मुख्यधारा म लहुटे के बाद ओला पहिली बार सासन कोति ले अतका बढ़िया सुविधा मन मिलत हें:
- पुस्टि अहार: कॉलेज म नियम ले अंडा, मछरी, चिकन अउ हरियर भाजी-पाला दिये जावत हे, जेकर ले ओकर सेहत म बड़ सुधार होय हे।
- सक्रिय सहभागिता: बढ़त आत्मविश्वास के ही नतीजा हे कि ओमन हाल ही म जगदलपुर म होय मैराथन दौड़ म घलो हिस्सा लीन।
- परिवार के प्रेरणा: शर्मिला के दीदी मुड़ो पोयामी (पहिली के नक्सल सदस्य) घलो मुख्यधारा म लहुट के अपन गोड़ म खड़ा होय के रद्दा म चलत हें।
गाँव के विकास के आस
शिक्षा अउ हुनर के ताकत ल समझे के बाद शर्मिला अब अपन इलाका के बुनियादी समस्या मन के प्रति घलो सचेत हें। ओमन चाहत हें कि ओकर गाँव के कच्ची रद्दा अउ पीये के पानी के समस्या मन के जल्दी निपटारा होवय, ताकि विकास के ए लहर दुरिहा-दुरिहा के कोना तक पहुँचे। शर्मिला पोयामी के ए संघर्ष के सफर हिंसा ले विकास कोती बढ़त नवा छत्तीसगढ़ के एको सुग्घर अउ मजबूद पहिचान बन गे हे।