धान खरीदी की तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, किसानों की सुविधा सुनिश्चित करेंरू कलेक्टर
आगामी धान खरीदी को देखते हुए एमसीबी जिले में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कृषि, पशुपालन और खाद्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों से जुड़े लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में बारदानों सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं, ताकि किसानों को उपज बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में जनशिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, प्रधानमंत्री पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का वास्तविक समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण करने के बजाय आवेदकों को संतुष्ट करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
पीएम किसान योजना में 38 हजार से अधिक पंजीयन
कृषि विभाग की समीक्षा में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 46,095 किसानों में से 38,129 किसानों का पंजीयन हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का 82.71 प्रतिशत है। वहीं 28,234 सक्रिय हितग्राहियों में से 23,462 किसानों का एग्रीस्टैक एवं फार्मर आईडी पंजीयन पूरा हुआ है। कलेक्टर ने शेष पात्र किसानों का पंजीयन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 में 35,499 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 29,531 थी। बीमित रकबा भी बढ़कर 16,420 हेक्टेयर हो गया है।
पशुपालन योजनाओं से हितग्राहियों को मिल रहा लाभ
पशुपालन विभाग ने जानकारी दी कि बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 470 और वर्ष 2026-27 में 468 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा सूकर त्रयी योजना में 22, नर बकरा वितरण योजना में 33 और उन्नत मादा वत्स पालन योजना में 40 हितग्राहियों को लाभ मिला है। कलेक्टर ने पशुपालन आधारित स्वरोजगार योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने और लंबित किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) व बैंक ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी के लिए 99 हजार से अधिक बारदाने उपलब्ध
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों के तहत बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि खड़गवां विकासखंड और चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र की 81 उचित मूल्य दुकानों के लिए कुल 1,68,180 बारदानों की आवश्यकता है। इसके विरुद्ध समितियों, स्व-सहायता समूहों और विपणन संघ के गोदामों में कुल 99,689 बारदाने उपलब्ध हैं। कलेक्टर ने शेष जरूरत को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
फोर्टिफाइड चावल की कमी दूर करने अतिरिक्त आवंटन की मांग
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चावल की उपलब्धता और भंडारण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिले में वर्तमान में 11,943.59 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध है। नवंबर 2026 से फरवरी 2027 तक वितरण के लिए अतिरिक्त चावल की जरूरत बताई गई। विभागीय आकलन के अनुसार जिले में 26,222.46 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल की कमी है, जिसकी पूर्ति के लिए शासन से अतिरिक्त आवंटन मांगा गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए। उन्होंने लंबित बैंक प्रकरणों, खाद्यान्न भंडारण और धान खरीदी की तैयारियों में आपसी समन्वय के साथ तेजी लाने पर जोर दिया।