सूरजपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सजी पोषण की चौपाल
रायपुर, सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 25 सितंबर से 6 अक्टूबर तक आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में हुए इन कार्यक्रमों में महिलाओं, बच्चों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिला।
कार्यक्रम के दौरान ‘मेरी पौष्टिक थाली’ और पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से संतुलित आहार, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग और बच्चों के दैनिक भोजन में पोषक तत्वों को शामिल करने की जानकारी दी गई। महिलाओं और परिवारों को स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक किया गया।
आंगन मिलन सेवा के दौरान महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं को भी विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया। पात्र महिलाओं को शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और पात्रता संबंधी जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में ‘हर घर मुनगा’ अभियान पर भी विशेष जोर दिया गया। परिवारों को मुनगा लगाने और उसे नियमित रूप से भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों के आहार में विविधता लाने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोगों को इसके पोषण संबंधी लाभ बताए गए।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े संदेशों को परिवारों और समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की उचित देखभाल और पोषण के लिए परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को स्वस्थ परिवार और पोषणयुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक सहभागिता के महत्व की जानकारी भी दी गई।