सुशासन के रफ्तार: सहायक उपकरण बांटे ले दिव्यांगजन ला मिलिस नवा रस्ता, आत्मनिर्भरता के डाहर बढ़त छत्तीसगढ़
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुशासन तिहार’ अभियान अब जमीनी स्तर मं जन-कल्याण के एक बढ़िया मिसाल बनत जावत हे। समाज कल्याण विभाग डाहर ले दिव्यांगजन ला सहायक उपकरण (मदद के सामान) देय के पहल ह हजारों मनखे मन के जिनगी मं बढ़िया बदलाव लाय हे। बछर 2023 ले अब तक विभाग डाहर ले 2 हजार ले जादा सहायक उपकरण—जेमां मोटराइज्ड ट्राइसिकल, ट्राइसाइकिल अउ आन सामान सामिल हें—जरूरतमंद हितग्राही ला दिये जा चुके हे।
बिलासपुर जिला के कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा के रहइया 12वीं के छात्र अनिल कुमार, जेहा 70 प्रतिशत दिव्यांग हे, ओकर बर 12 किलोमीटर दूर इस्कुल जाना बहुत बड़े चुनौती रहिस। सुशासन तिहार के समाधान शिविर मं समस्या रखे ले ओला मौका मं ही मोटराइज्ड ट्राइसिकल दिये गिस। अब ओहा बिना कोनो सहारा के समे मं इस्कुल पहुँच के अपन पढ़ाई जारी रख पावत हे।
धमतरी जिला के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला के रहइया जीवन लाल साहू, जेहा बछर ले घुटना के बल चले बर मजबूर रहिस, ओला सुशासन तिहार के शिविर मं मुफत मं ट्राइसाइकिल दिये गिस। अब ओहा खेत तक आसानी ले पहुँचे के संग-संग सामाजिक जिनगी मं घलो बढ़िया भूमिका निभावत हे। ओकर बर ए सामान ह आत्मसम्मान अउ आजादी के पहिचान बन गे हे।
जशपुर जिला के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम भुइयापानी के रहइया विनोद मिंज ला घलो जनसमस्या निवारण शिविर मं मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान करे गिस। एकर ले ओकर आए-जाए के परेशानी दूर हो गे हे अउ अब ओहा रोज के काम के संग सामाजिक काम मं घलो बढ़िया ले सामिल हो पावत हे। ए उदाहरण ले साफ हे कि सुशासन तिहार के माध्यम ले सरकार के योजना ह तेजी ले आखिरी मनखे तक पहुँचत हे। समाज कल्याण विभाग के तुरंते कार्यवाही अउ प्रशासन के संवेदनशीलता ह दिव्यांगजन ला आत्मनिर्भर बनाय के डाहर मं बड़े कदम उठाए हे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगुवई मं राज्य सरकार के उद्देश्य हे कि समाज के हर वर्ग ला सम्मान के संग जिनगी जिए के मौका मिलय। सहायक उपकरण बांटे के ए पहल ह न केवल सुभीता देवत हे, बल्कि भरोसा अउ स्वाभिमान ला घलो नवा ऊँचाई देवत हे।
नवा उम्मीद, नवा बिस्वास
अनिल, जीवन लाल अउ विनोद जइसन कतको हितग्राही ए बात के गवाह हें कि जब सरकार के योजना ह संवेदनशीलता अउ तेजी ले लागू होथे, त जिनगी के कड़ा रस्ता घलो आसान हो जाथे। सुशासन तिहार आज प्रदेश मं उम्मीद, बिस्वास अउ आत्मनिर्भरता के नवा कहानी लिखत हे।