Jayjohar
Whatsapp Facebook Twitter Youtube
Jayjohar

Type and hit Enter to search

  • होम
  • खबर छत्तीसगढ़
  • नवा छत्तीसगढ़
  • राजनीति
  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • एक्सक्लूजिव
  • Youtube Video
    • जोहार पहुना
    • जोहार सितारा
    • जोहार सिनेमा
    • गाना जोहार
    • फिलिम जोहार
    • काव्य जोहार
    • जोहार बिसेस
    • जोहार संस्कृति
  • LIVE
kankali talab
हमर रचनाकार

तरिया नंदावत हे

www.jayjohar.com
www.jayjohar.com
July 21, 2024 One Min Read
502 Views
0 Comments

विजय मिश्रा ‘अमित’, पूर्व अति.महाप्रबंधक (जन), रायपुर

नवां जमाना के रंग म पूरा दुनिया ह घेंच के आवत ले बुड़े हावय। घर ह अब खाली घर नई रहिगे, बल्कि इहां बाहिर बट्टा अउ नहाय धोय के ठिकाना तको बनगे हांवय। पहिली जमाना म बड़े फजर मनखे मन हर तरिया कोती जांवय। अब तो आज के लइका मन हर तरिया काए तेला नई जानय।

ए बात हर अइसे उजागर होईस। गरमी के छुट्टी होगे रहिस। ते पाए के फुरसतिहा लईका ल घरे म बने नहानी खोली म लगर लगर के नहवात रहेवं। तभे ओला बतायवं कि हमन हर बालपन म तरिया म डुबक डुबक के नहावन।

त ओ हर ऑखी फारत पूछिस – ‘तरिया क्या होता है पापाजी..? ओखर सवाल ल सुन के मेहर बक खा गेवं। फेर सोचेवं कि गलती हमरे आय। काबर की हमन ह लइका मन ल रीति रिवाज संस्कृति अउ गांव गवंई ले दूरिहा राखे हांवन। अपन गलती ल सुधारे खातिर लइका ल ‘बूढा तालाब’ल देखाय बर लेगेंव।

ओ तरिया ल देखथे साथ लईका हर नाक भौं सिकोड़त अपन नाक ल चपक के बोलिस ‘छी.. छी.. छी..। इतनी गंदी जगह में आप नहाथे थे..? आपको स्कीन डिसीज नहीं होती थी क्या पापा जी..?

मोर लइका के भाव ल देखके बिचारा तरिया ह रो डारिस ओ हर बोलिस- बेटा पहिली के तरिया अउ आज के तरिया म बहुत फरक आ गे हे। अब के तरिया म पानी कम कचरा, कूटा अउ कागज पन्नी जादा बज बजावत दिखथे। फेर एक जमाना म तरिया हर पिए के पानी के तको अधार रहिस।

ओखर बात ल सुनके मोर बेटा ओह नो नो कहत पीछु कोति खसके लागिस। तब ओखर खांध म हाथ राख के ओला तरिया तीर म बइठारत बोलेवं – हां बेटा। तरिया के बात हर सही आए। मोला सुरता हे आज ले साठ बछर पाछु के बात आए जब रायगढ़ जिला के जतरी गॉव के इस्कूल में मेंहर पढ़त रहेवं। तब प्यास बुझाए बर तरिया के भीतरी माड़ी भर गहिला म घुसर के तरिया पानी म मुंह ला दंता के गाय बछरू कस पानी ला गटागट पी देत रहेन।

मोर बात ल सुनके तरिया के पानी ह खुस होगे। हिलोर मारत तरिया ह मोला बोलिस- अब के नवां पीढ़ी के लइका मन ह तो अइसन गोठ ला सुन के आप ल ‘आदिमानव’अउ नहीं त जनावर कही दीही। बंद बोतल के पानी पिवईया नवा जमाना के लईका उज्जर तरिया के पानी के सवाद ला का समझ पाही।

तरिया संग गोठबात ल आघू बढ़ावत अपन लइका ल बताएं – जनमन के जरूरत के मुताबिक पानी के पूरती करोइया साधन अकेला तरिया हर रहय। असाढ़ म बरसे पानी ला जमा राखे के अइसन परंपरागत साधन तरिया ह ‘‘ग्राउन्ड वॉटर लेबल रीचार्ज’के तको उत्तम उपाय रहिस। सब्बो जीव जन्तु के प्यास बुझोइया ए जलागार हर ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्ब’के मरम ला तको बतावय।

पहिली हरेक गॉव शहर म कम से कम एक ठिन तो बड़े भारी तरिया जरूर रहाय। जिहां कमल, कुमुदनी फूले रहाय अउ तरिया के पार म आमा, बर-पीपर, लीम के हरियर हरियर रूख म तोता-मैना, पंड़की कस रंग बिरंगी चिरइ चिरगुन मन के कलरव ल सुन सुन मन ह गदगद हो जावत रहिस। तरिया के पार म देवालय रहय, जिहां तीज तिहार म बड़े बड़े मेला लगय।

‘हां साहब जी’ कहत पीरा म बूड़े तरिया ह लम्बा सांस छोंड़ के बोलिस- अब तो दसा एकदम उल्टा हो गे हावय। साफ, सुंदर तरिया देखना सपना होगे हे‌। तरिया मा कमल के जगह जलकुंभी अऊ बदख के जगह कुकुर, सुरा अउ बइला भईंसा के राज होगे हे।

ए हर बड़ा चिंता के बात आय कि जिनगी के अधार तरिया के पीरा हरोईया कोनो नइ दिखथ हावय। अपन पुरखा के देहे अइसन सुंदर जिनीस ला खतम करके मनखे अपने हाथ अपन जिनगी ला उजारत हावएं। तरिया ला पाट के बड़े बड़े बिल्डिंग बनोइया मनखे ‘जल हे त कल हे’बात ला भूलावत जात हें।

अतका कहत कहत तरिया पीरा म बूड़े कुछू बोले नी सकीस। तब ओखर पीरा ल समझत अपन लइका ल बताएं कि अब तो तरिया म शहर भर के नाली के पानी भरावत दिखत हे। कई किसिम के रसायनिक जिनीस म बने देवी देवता के मूरती ला तरिया मा सरोवत हावएं। इही पाय के तरिया के पानी ह सरके गंधावत हे। बिकास के आड़ मा अंधरा दउड़ के होड़ माते हे। ओहू हर बिचारा तरिया बर मुड़ पीरवा बन गे हावए। नदांवत, कमतीयावत तरिया के सेथी अब गांव शहर म गरमी बाढ़त हे, जलस्तर ह गिरत हावय। अउ तरिया बिचारा जइसे तइसे अपन जिनगी ला बंचावत आखरी सांस गिनत हावए।

हमर बात ल सुन समझ के मोर बेटा पूछिस- पापा जी तो फिर तालाबों को बनवाने, देख रेख करने का काम कोन करता था..? अब कोई क्यों नहीं करता..?

बेटा के मन म तरिया बर जागे अइसन सवाल ल सुनके तरिया ल थोरिक बने लागिस ओह फेर हिलोर मारत बोलिस- बने सवाल पूछे हस बाबू। सुन, पहिली जमाना म लोगन अपन तन मन धन लगा के तरिया बनवाएं। ओला गहीला करे बर, ओखर सफाई बर एकजुट रहएं। फेर अब के मनखे तो सरकार कोती मुंह ताकत रहिथें। तरिया ल संवारे बर पक्का घाट अउ ओखर चारों मुड़ा लोहा के रेलिंग कहुं कोनो सरकारी पईसा म बन लग जाथे त मुरूख मनखे मन ह ओला काट के ले जाथें। एहर गुनोईया मन बर बड़ फिकर के बात आए।

तरिया के बात ल आघू बढ़ावत मेंह बोलेवं- अइसनेहे फिकर करोइया बड़े बड़े समाजिक अउ धार्मिक संगठन कतको गांव शहर मा हावयं। अउ तरिया के महत्तम ह पितरपाख म आजो दिखथे। मरनी हरनी म तको तरिया पार म पूजा पाठ अउ संसकार करोइया मनखे के कमी नइहे। अइसनेहे धरम करम करोइया मनखे एक हो जाएं अउ तरिया के पीरा ला हर लेवयं त तरिया के बिगड़त दसा ह सुधर जाही। एमन के जागे के बेरा आगे हावय।

खुसी के बात आए कि कोनो कोना जगह मा तरिया के पीरा हरे के काम लोगन मिल जुल के करत हावयं। अइसन मन ला जय जोहार कहत अपन बात ल खतम करत उठे लागें त मोर बेटा ह तरिया के पानी म हाथ सहलावत बोलिस- पापा जी अब तो तालाब की आब को बचाना ही है।

बेटा के बात ल सुनके खुशी मारे मोर आंखी अउ तरिया के पानी छलके लागीन। बेटा के हाथ ल अपन दूनों हांथ म कसके थामत जोरहा बोलेवं- चलो तरिया के पीरा हरबो, जिनगी ला सुघ्घर गढ़बो।

Tags:

Chhattisgarhchhattisgarh newsraipur newsstate news

Share Article

Other Articles

chitrakot01
Previous

भारत के नियाग्रा फॉल कहलाथे चित्रकोट

Next

ओम साई राईस मिल अतरिया से 100 क्विंटल धान एवं 1493 क्विंटल चावल जब्त, खाद्य विभाग ने की कार्रवाई

Next
July 21, 2024

ओम साई राईस मिल अतरिया से 100 क्विंटल धान एवं 1493 क्विंटल चावल जब्त, खाद्य विभाग ने की कार्रवाई

Previous
July 21, 2024

भारत के नियाग्रा फॉल कहलाथे चित्रकोट

chitrakot01

Related Posts

ytutgyrty 1

समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन

Editor Editor
February 21, 2026
ji9ouio 1

अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संपन्न किया गया

Editor Editor
February 21, 2026
jkghhf 1

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र

Editor Editor
February 21, 2026
dfgdgfgfg 1

जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री श्री साय ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

Editor Editor
February 21, 2026

Follow Us

Whatsapp Facebook Twitter Youtube

Om Prakash Chandrakar
Kushalpur
Raipur Chhattishgarh
email: jayjohar2017@gmail.com

Category

  • छॉलीवुड समाचार
  • हमर रचनाकार
  • सियासत
  • नवा छत्तीसगढ़
Jayjohar
© Copyright 2023, All Rights Reserved | Jay Johar Media | जय जोहार मीडिया.
  • होम
  • हमर छत्तीसगढ़
  • एक्सक्लूजिव
  • राजनीति
  • छॉलीवुड
  • लाइव
  • हमर रचनाकार
  • जय जोहार चैनल | जोहार पहुना कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सितारा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार सिनेमा कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार बिसेस कार्यक्रम
  • poem
  • जय जोहार चैनल | गाना जोहार कार्यक्रम
  • LIVE:भरोसे का सम्मलेन (ठेकवा, राजनांदगांव)
  • जय जोहार चैनल | फिलिम जोहार कार्यक्रम
  • छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
  • जय जोहार चैनल | काव्य जोहार कार्यक्रम
  • जय जोहार चैनल | जोहार संस्कृति कार्यक्रम
  • जय जोहार | Jay Johar – हमर माटी हमर भाखा | छत्तीसगढ़ी समाचार