किसान मन के संपन्नता अउ आत्मनिर्भरता हमर सबले पहिली प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम
- छत्तीसगढ़ नवा अंजोर विजन 2047: धान के बदला दूसर फसल (विविधीकरण) अउ डिजिटल खेती ऊपर देथें जोर
- दलहन (दाल) के उत्पादन म रिकॉर्ड 76 फीसदी के बढ़ती
- ठोस रसायनिक खातू के बदला नैनो यूरिया-डीएपी ला देवत हें बढ़ावा
- नवा दिल्ली म रखे गे राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन म सामिल होइन मंत्री रामविचार नेताम
रायपुर. धान के कटोरा के नाम ले जाने वाला छत्तीसगढ़ अब पुरना तरीका के धान खेती ले आगू बढ़के दूसर फसल मन ला बोए, डिजिटल तकनीक अउ पर्यावरण के सरग सुग्घर खेती के नवा जुग कोति आगू बढ़त हे। राज्य सरकार कोति ले लागू करे गे ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत किसान मन के कमाई ला दुगुना करे अउ खेती-किसानी के क्षेत्र ला आधुनिक बनाए बर चौतरफा रणनीति म बूता सुरु होगे हे। केन्द्रीय कृषि विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अगुवाई म नवा दिल्ली म रखे गे ए बड़े सम्मेलन म कृषि मंत्री रामविचार नेताम अउ कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल प्रदेशी ह आज ए बात के जानकारी दीन।
कृषि मंत्री नेताम ह सम्मेलन म राज्य के प्राथमिकता ला बतावत कहिन कि छत्तीसगढ़ के खेती के ढांचा अब एक बड़े बदलाव कोति हे। हमर सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के माध्यम ले राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवार मन, जेमा 82 फीसदी छोटे अउ सीमांत किसान हें, जेमा 31 फीसदी अनुसूचित जनजाति के किसान सामिल हें, ओकर आर्थिक तरक्की बर पक्का मन बनाके बूता करत हे। ओमन कहिन कि दाल (दलहन) उत्पादन म बछर 2025-26 के बेरा म जो 76 फीसदी के बड़े बढ़ती होईस अउ तेल (तिलहन) के रकबा म 28 हजार हेक्टेयर ले जादा के बढ़ती होईस, ये ह बताथे कि हमर किसान अब आत्मनिर्भरता कोति बढ़त हे। वहीं खरीफ 2026 म हमन अरहर, उड़द अउ मूंग बर क्लस्टर आधारित रणनीति लागू करत हवन। हमर लक्ष्य हर हाथ ला बूता अउ हर खेत ला सही बेरा म बढ़िया बीज अउ संतुलित खातू देना आय।
राज्य म योजना ला जमीन म उतारे अउ रणनीति के तैयारी ऊपर गोठ रखत हुए छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह प्रदेशी ह कहिन कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचा अउ वैज्ञानिक तरीका ले खेती के तस्वीर बदलत हे। ओमन सम्मेलन म कहिन कि खरीफ 2026 बर हमर तैयारी पूरा तरीका ले वैज्ञानिक अउ तकनीक आधारित हे। राज्य के किसान मन ला कृषि विश्वविद्यालय मन के वैज्ञानिक सलाह के आधार म ही खातू बांटे जात हे। सीमांत किसान मन ला जहां एकमुश्त खातू दिए जात हे, वहीं यूरिया के कालाबाजारी अउ जादा खरचा ला रोके बर छोटे अउ बड़े किसान मन ला 20 ले 25 दिन के बेरा म 2 ले 3 बार म यूरिया देय के ब्यवस्था करे गे हे। हमन डीएपी के बदला नैनो डीएपी, एसएसपी अउ एनपीके कॉम्प्लेक्स ला तेजी से बढ़ावा देवत हवन। एकर अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे अउ एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम ले पूरा खरीदी अउ जांच के बूता ला पारदर्शी बना दिए गे हे।
कृषि उत्पादन आयुक्त प्रदेशी ह बताइन कि छत्तीसगढ़ ह बरिस 2025-26 म दलहन उत्पादन म रिकॉर्ड 76 फीसदी के बढ़ती करके बड़े सफलता पाए हे। एकर संग ही तिलहन मिशन अउ राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, फल्ली (मूंगफली) अउ सोयाबीन के बीज बांटे ले तेल वाले फसल मन के क्षेत्र म 28 हजार हेक्टेयर ले जादा के विस्तार हुए हे। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र म फल, तरकारी अउ मसाला फसल मन बर क्लस्टर आधारित विकास मॉडल ऊपर ध्यान लगाए गे हे। टिकाऊ अउ मौसम के अनुकूल खेती के तहत 23,050 हेक्टेयर क्षेत्र म प्राकृतिक खेती के विस्तार करे जा चुके हे, जेमां 461 क्लस्टर्स अउ 922 कृषि सखी मन के मदद लिए जात हे। सॉइल हेल्थ के तहत बरिस 2025-26 म 2.81 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड बांटे गिस। संग म, नवा पीढ़ी ला खेती ले जोड़े बर राज्य के 126 पीएम श्री स्कूल मन म माटी जांच प्रयोगशाला (सॉइल टेस्टिंग लैब्स) बनाए जा चुके हें।
स्मार्ट इरिगेशन के तहत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप‘ के तहत कम पानी म जादा फसल अउ खरचा कम करे बर ड्रोन तकनीक व ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम’ (फसल + पशुपालन + मछली पालन + केंटकी) ला बढ़ावा दिए जात हे। पीएम किसान अउ पीएम फसल बीमा योजना के डेटा ला एक संग जोड़के जून ले जुलाई 2026 के बेरा तक विशेष केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) अभियान चलाना तय करे गे हे। वहीं पीएम आशा योजना के अंतर्गत दलहन अउ तिलहन फसल मन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) म सौ फीसदी खरीदी पक्का करे के तैयारी हे।
कृषि मंत्री नेताम ह सम्मेलन म कहिन कि राज्य सरकार ह राष्ट्रीय मंच के माध्यम ले केंद्र सरकार के आगू कृषि विकास के गति ला अउ तेज करे बर कुछ जरूरी प्रताव अउ उम्मीद घलो रखे हे। एमां छत्तीसगढ़ धान प्रधान राज्य होय के कारन, फसल विविधीकरण ला गति दे बर केंद्र ले एक अलग प्रोत्साहन नीति के मांग करे गे हे। संग म कुदरती (प्राकृतिक) सामान मन के एमएसपी, प्राकृतिक अउ जैविक खेती के सामान मन बर अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करे के ब्यवस्था करे जाय।
मंत्री नेताम ह सम्मेलन म सप्लाई प्लान अउ खातू सब्सिडी बर सही बेरा म खातू मिले बर महिनावार सप्लाई प्लान के मुताबिक खातू देय के मांग के संग ही डीएपी के आपूर्ति प्रभावित होय के स्थिति म एनपीके के पूरा आपूर्ति तय करे बर कहिन। ओमन कहिन कि नैनो यूरिया अउ नैनो डीएपी ला छोटे किसान मन के बीच चलन म लाए बर खास छूट (अनुदान) के नियम बनाए जाय। वहीं खातू के जादा खरचा अउ नुकसान ला रोके बर वैज्ञानिक सलाह के मुताबिक खातू के 25 किलोग्राम के छोटे बोरा तैयार करना जरूरी हे। संग म राज्य के आदिवासी बाहुल्य अउ पानी आधारित इलाका मन बर खास कृषि विकास पैकेज तथा डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत तकनीकी अउ आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मदद दिए जाय।
ए बेरा म संचालक कृषि राहुल देव, संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज अउ कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी लोकेश चंद्राकर संग दूसर बड़े अधिकारी मन मौजूद रहिन।