संघर्ष ले समृद्धि
नक्सल मुक्त इलाका म आधुनिक खेती ले किसान गोपाल एर्रागोला ह रचिस सफलता के नवा कहानी (इबारत)
रायपुर, नक्सल मुक्त इलाका म (जइसन छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, नारायणपुर) अब पुरखा के (पारंपरिक) खेती के जगह आधुनिक अउ लाहा (लाभकारी) खेती (केला, सुगन्धित पौधा) ह लेवत हे, जेकर ले किसान मन के आय ह दुगुना होत हे। कृषि विज्ञान केंद्र के मदद ले वैज्ञानिक तकनीक, ड्रिप सिंचई अउ उन्नत बीज के उपयोग करके किसान मन ह आत्मनिर्भर बनत हें अउ खेती-किसानी ह अब एक सुरक्षित रोजी-रोटी (आजीविका) बनत जावत हे।
बीजापुर जिला के ग्राम फुतकेल के रहइया किसान गोपाल एर्रागोला ह कठन भौगोलिक अउ सामाजिक परिस्थिति के बीच म आधुनिक अउ बहुफसली खेती ला अपनाके जिला के किसान मन बर एक नवा मिसाल पेस करे हे। जऊन गोपाल ह कभो सिरिफ पानी (वर्षा) ऊपर आसरित धान के खेती करत रहिस, ओ ह आज अलग-अलग फसल अउ एकीकृत खेती के माध्यम ले लाखन रूपया के कमाई करत हे।
चुनौती ले मउका (अवसर) तक के सफर
नक्सल प्रभावित इलाका होय के कारन पहिली खेती करना गोपाल बर एक बड़ चुनौती रहिस हे। कृषि विभाग के अधिकारी ह जब ओकर खेत के जांच (निरीक्षण) करिन, त पाइन कि तालपेरू नदी के तीर म होय के कारन ओकर जमीन ह बउपारिक (व्यावसायिक) फसल बर बड़ सुघर हे। जिला प्रशासन के कोसिस (पहल) ले नदी तीर म बिजली के बिस्तार करे गीस, जेकर ले सिंचई के अड़चन ह दूर हो गीस।
तकनीक अउ फसल चक्र ले बाढ़िस कमाई
सिंचई के सुभीता (सुविधा) मिले के बाद कृषि विभाग अउ आत्मा (ATMA) योजना के देख-रेख म गोपाल ह पुरखा के खेती ला छोड़ के फसल चक्र (बदल-बदल के खेती करना) ला अपनाइस। ओ ह धान के संग-संग रबी फसल म मक्का, मूँगफली अउ मिर्चा के खेती करत हे। एकीकृत खेती के रूप म ओ ह साग-भाजी उत्पादन, पशुपालन अउ मछरी पालन घलो करथे। बिसेस रूप ले मिर्चा के उत्पादन ह ओकर आर्थिक हालत म बड़ भारी (क्रांतिकारी) बदलाव लाइस।
सरकार के योजना के मिलिस सहारा
गोपाल के सफलता म केंद्र अउ राज सरकार के अलग-अलग कलियानकारी (कल्याणकारी) योजना ह रीढ़ के हड्डी (बैकबोन) के काम करिन। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ले बीज, खाद अउ नगद सहायता, शाकम्भरी योजना ले डीजल पंप अउ नेक स्प्रेयर पंप मिलिस। सौर सुजला योजना (क्रेडा) ले सोलर प्लेट के माध्यम ले बिना कोनो रुकावट के बिजली मिलत हे। नियद नेल्ला नार योजना ले धान के बीज, खाद अउ जोताई बर आर्थिक मदद, माइक्रो इरीगेशन के माध्यम ले टपक (ड्रिप) सिंचई ले पानी के जतन, किसान सम्मान निधि के रूप म हर बछर 6,000 रूपया के सीधा आर्थिक मदद मिलत हे।
कुदरती खेती (प्राकृतिक खेती) कोति कदम
गोपाल के चुनाव ह राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के कलस्टर म घलो होय हे। ओ ह एक एकड़ जमीन म जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र अउ ब्रह्मास्त्र जइसन कुदरती चीज के उपयोग करके लागत (खरच) ला कम करे हे अउ माटी के उपजाऊ सक्ति (उर्वरता) ला बढ़ाए हे।
कमाई के आँकड़ा अउ समाज ऊपर असर
खेती-किसानी, पशुपालन अउ मछरी पालन के एक संग मिले-जुले कोसिस ले गोपाल ला बछर म 3 लाख 93 हजार 750 रूपया के साफ-साफ (शुद्ध) कमाई होईस हे। आज ओकर सफलता ला देखके गांव के अउ दूसर जुवान अउ किसान मन घलो वैज्ञानिक खेती कोति आगे बढ़े बर प्रेरित होत हें।
किसान गोपाल एर्रागोला के कहना हे कि अधिकारी के लगातार देख-रेख (मार्गदर्शन) अउ सरकार के योजना ह मोर खेती अउ जिनगी ला देखे के नजरिया ला बदल दिस। आज मोर परिवार ह न सिरिफ आर्थिक रूप ले मजबूत हे, भलुक समाज बर घलो एक प्रेरणा बन गे हे।